कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

Parle-G से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य ! Intersting Facts About Parle-G


 

Parle-G बिस्कुट से जुड़े कुछ तथ्य-

  • 78 सालो से चला आ रहा है, आपका पसंदीदा बिस्कुट Parle-G ।
  • पारले जी कंपनी की शुरुआत सन 1929 में हुई थी, लेकिन उन्होंने सन 1939 में बिस्कुट का उत्पादन शुरू किया था ।
  • 1980 तक PARLE-G बिस्कुट का नाम PARLE GLUCO था ।
  • Parle-G बिस्कुट ने आज तक अपना LOGO नहीं बदला है ।
  • शुरू में Parle-G में G का मतलब "Glucose" था, लेकिन अब बदल कर 'Genius" कर दिया गया है ।
  • Parle-G ने अपना पहला विज्ञापन 1982 में दिया था। इस विज्ञापन में एक बूढ़े दादाजी और बच्चो को दिखाया गया था ।
  • पहले पारले जी बिस्कुट का पेकेट वेक्स कागच का आता था, लेकिन 2001 से इसे बदलकर प्लास्टिक के पेकेट में कर दिया गया ।
  • भारत में बिक्री के मामले में पारले जी नंबर 1 है। भारत में 70% बिस्कुट पारले ही बनाता है !आप जान कर चोंक जायेंगे की - हर मिनट लगभग 250000 लोग पारले जी बिस्कुट को खाते है ।
  • 2010 में पारले जी दुनिया का चोथा सबसे ज्यादा खाया जाने वाला बिस्कुट था ।
  • भारत के बाद पारले जी सबसे ज्यादा चीन में खाया जाता है ।
  • Parle नाम क्यों रखा गया ? - "
    पारले" नाम एक पुराने गाँव के नाम पर रखा गया ।
    जो लड़की पारले के पेकेट पर है वो कोन है ? >> हम आपको बता दे की जो लड़की पारले के पेकेट पर है, वो एक काल्पनिक चित्र है, उसका किसी भी व्यक्ति से कोई सम्बन्ध नहीं है। आज तक सब नीरू देशपांडे को पारले जी गर्ल मानते थे, लेकिन यह सच नहीं है। पारले पेकेट पर लगी लड़की का चित्र Everest creative "Maganlal Daiya" ने 1960 में बनाया था।
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