कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

सबसे ज्यादा अचरज में डालने वाला मनोवैज्ञानिक तथ्य क्या है ! What is the psychological fact that is most surprising



  1. जितनी चिंता आजकल के बच्चे दिखाते हैं उतनी चिंता 1950 में दिमागी मरीज़ दिखाते थे.
  2. कॉमेडियन और मजाकिया लोग दूसरो के मुकाबले ज्यादा उदास रहते हैं.
  3. दिल टूटने से मौत हो सकती है.
  4. जब कोई हमें नजरंदाज यानि इग्नोर करता है तो वही रसायन यानि कैमिकल रिलीज होता हैं जो हमें चोट लगने पर होता हैं.
  5. 90% लोगो का दिमाग ये सोचता हैं कि कुछ पल के लिए समय पीछे चला जाए.
  6. फोन खो जाने पर होने वाली चिंता उस चिंता के समान होती हैं, जब व्यक्ति अपनी मौत के करीब होता है.
  7. यदि कोई ज्यादा तकियें लेकर सोता हैं तो इसका मतलब वह खुद को अकेला महसूस करता है.
  8. अगर कोई असामान्य तरीके से खाना खाता हैं इसका मतलब हैं कि वह किसी बात को लेकर बहुत चिंतित हैं.
  9. आप जिस तरह के गाने सुनते हैं उसी तरह से आप दुनिया को देखने लग जाते हैं.
  10. खुशी का पहला आंसू दाहिनी आँख से और दुख का पहला आंसू बाईं आँख से निकलता हैं.

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