पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

क्या शिव लिंग पुरुष शरीर के अंग को दर्शाती है ! Untold Facts Of Shiv Linga


मैं आज शिवलिंग के बारे में बताना चाहूंगा जिसके बारे में ज़्यादातर लोग कुछ गलत ही समझते हैं |
1. क्या शिव लिंग पुरुष शरीर के अंग को दर्शाती है ?
नहीं, शिव लिंग पुरुष शरीर के अंग के समान नहीं है। यह लिंग का प्रतिनिधित्व नहीं करता है जिसे कई लोगों द्वारा माना और कहा जाता है। यह अफवाह ग्यारहवीं शताब्दी के बाद गैर हिंदुओं द्वारा फैलाया गया था |
2. शिव लिंग का असल अर्थ क्या है ?
शिवलिंग एक संस्कृत शब्द है ना की हिंदी शब्द। संस्कृत में, लिंग या लिंगम का अर्थ है “प्रतीक”। लेकिन हिंदी में लिंग का मतलब कुछ अलग है । तो भाषा बदलने के कारण लोग इसे कुछ और ही समझने लगे ।
3. शिवलिंग का क्या महत्व है ?
आरम्भ में ऋषि लोग दीपक की ज्योति पर ध्यान केंद्रित कर के मैडिटेशन किया करते थे | पर यह करना काफी कठिन होता था जैसे की कभी कभी तेज़ हवा चलने के कारण ध्यान एक जगह केंद्रित नहीं हो पता था | फिर उन्होंने शिवलिंग के ऊपर ध्यान लगाना शुरू किया क्यूंकि यह आध्यात्मिकता, विश्वास, ऊर्जा और अनंत की सीमा का प्रतीक है | आज भी कई लोग शिवलिंग पर ध्यान केंद्रित करके मैडिटेशन किया करते हैं |
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