कुछ रोचक तथ्य क्या हैं जो सुनने में तो एकदम बकवास लगते हैं परंतु सत्य हैं

ध्रुपद ओबेरॉय (Dhrupad Oberoi),
कुछ रोचक तथ्य जो अती सत्य है। 1. दुनिया में 11 प्रतिशत लोग बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। 2. दुनिया की 90 प्रतिशत जनसंख्या किस करती है। 3. खाने का स्वाद उसमें सलाइवा (लार) मिलने के बाद ही आता है। 4. औसतन लोग बिस्तर में जाने के 7 मिनिट में सो जाते हैं। 5. भालू के 42 दांत होते हैं। 6. शुतुरमुर्ग की आंख उसके दिमाग से बड़ी होती है। 7. नींबू में स्ट्राबेरी के मुकाबले अधिक शक्कर होती है। 8. आठ प्रतिशत लोगों में एक अतिरिक्त पसली होती है। 9. स्विट्जरलैंड में दुनिया में सबसे अधिक चॉकलेट खाई जाती है। यहां हर व्यक्ति एक साल में 10 किलो के औसत से चॉकलेट खाता है। 10. अगस्त में सबसे ज्यादा लोग पैदा होते हैं। 11. मिक्की माउस का इटली में नाम टोपोलिनो है। 12. एक केकड़े का खून रंगहीन होता है। ऑक्सीजन मिलने के बाद यह नीला हो जाता है। 13. पक्षियों को निगलने के लिए ग्रेविटी की जरूरत होती है। 14. अंग्रेजी अल्फाबेट का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला लेटर E है। 15. विश्व की दो सबसे अधिक कॉमन इस्तेमाल होने वाली भाषाएं मैंड्रियन चायनीज, स्पैनिश और अंग्रेजी है। 16. बिल्ली के हर…

महिलाओं के जीवन में सेक्स सम्बन्ध कितना मायने रखता है ! How Much Importent Sex In Women's life



महिलाओं मैं सेक्स सम्बंध उतना ही मायने रखता है जितना पुरुषों मैं अंतर होता है अभिव्यक्ति मैं , पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं मैं आत्म नियंत्रण ज़्यादा होता है शर्म होती है हया होती है संकोच होता है दरसल महिलाओं के मस्तिष्क की बनावट अलग होती है शारीरिक सम्बंध उनकी भावनाओं से जुड़े होते है।नारी मन बहुत ही सुलभ होता है , हम जीवन की आपा धापि मैं ज़िम्मेदारियों मैं कुछ कठोर और काफ़ी प्रायोगिक हो जाते है छोटी छोटी ख़ुशियाँ छोड़ देते है इमोशन को मन के किसी कोने मैं बंद कर देते है नारी मन काफ़ी सरल होता है बिलकुल एक छोटे बच्चे की तरह जो ढेर सारा प्यार चाहता है बहुत ध्यान चाहता है छोटी छोटी ख़ुशियाँ चाहता है वे कभी संवेगो को छिपाती नहीं बल्कि खुलकर बताती है की मैं नाराज़ हुँ मुझे मनाओ, मैं ख़ुश हूँ मुझ मैं शामिल हो जाओ, मुझे समझो , मुझे समय दो नारी का मन बहुत बारीक होता है वे छोटी छोटी बातों को , छोटी छोटी यादों को काफ़ी सम्हाल कर रखती है उन्हें आप मैं ऐसे बदलाव जो उनसे आपको दूर करते है काफ़ी जल्दी महसूस हो जाते है उनका अचेतननुमान जिसे इंग्लिश मैं unconscious inference कहते है और साधारण भाषा मैं छटी इंद्री पुरुषों की अपेक्षा काफ़ी अच्छी होती है, वे अपनी पीठ की तरफ़ से भी महसूस कर लेती है की उन्हें कोई ताड़ रहा है और इसका कारण यह है की उनका अचेतन नियंत्रण काफ़ी अच्छा होता है क्योंकि वे अपनी बहुत सारी इकछाओ को दबा कर रखती है ये नारी मन की प्रकृति है उनकी मजबूरी नहीं । आज कितना भी आधुनिकीकरण क्यों ना हो जाए भारतीय महिला जिनके अचेतन मैं भारतीय आधरूप है उनके लिए शारीरिक सम्बंध ज़रूरी हो सकते है पर प्राथमिक नहीं , आज भी उनके लिये ममता , त्याग , समर्पण , पति की सेवा , अपने बच्चों के लिए अथाह प्रेम अपनी गृहस्थी की चिंता , अपनी इज़्ज़त अपना सुआभिमान ही सर्वोपरि है।

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