कुछ बातें जो सबको पता होना चाइये भारत मे

औरते पीरियड्स के दौरान मंदिर मे पैर नहीं रख सकती।

लड़का अपने से कम कमाने वाली लड़की से ही शादी करता है।

घर के दो बच्चो मे से एक इंजीनियर या डॉक्टर तो बनेगा ही बनेगा।

कितनी भी अच्छी नौकरी क़र लो या खुश रह लो पर लोग तुम्हे सेटल शादी करने के बाद ही मानेंगे।

एक तरफ़ा रोड को भी दोनों तरफ देख क़र पार करना पड़ता है।

रोड पर आप किस नहीं क़र सकते पर सरे आम मूत जरूर सकते हो।

रिश्तेदार बस नाक मे दम करने के लिए ही होते है।

साल भर पोल्लुशण को ले क़र रो सकते है पर दिवाली पर सब जायज है।

मंगलवार और गुरुवार को नॉन वेज नहीं खाना है।

आई फोन वाले लोग अमीर ही होते है।

क्या भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को अन्य देशों की यात्रा के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता है?



फिलहाल तो इस दुनिया में केवल एक ही व्यक्ति है जो बिना पासपोर्ट के अन्य देशों में कानूनी रूप से यात्रा कर रहा है और वह है क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय।
अब आते है प्रश्न पर। जी हाँ, जिस तरह एक आम नागरिक के पास विदेश जाने के लिए एक पासपोर्ट होना जरूरी है। उसी तरह हमारे देश के प्रधानमंत्री के पास भी विदेश जाने के लिए पासपोर्ट होना जरूरी है। लेकिन एक आम नागरिक के पासपोर्ट में और प्रधानमंत्री के पासपोर्ट मे सिर्फ यही एक अंतर है कि प्रधानमंत्री को विदेश यात्रा के दौरान किसी वीजा की जरूरत नही पड़ती है।
पीएम मोदी के पास टाइप 'डी' पासपोर्ट है - डी का मतलब 'डिप्लोमैटिक' है। डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जो कि एक मैरून रंग के कवर का होता है। इस तरह का पासपोर्ट, भारतीय राजनयिकों, शीर्ष रैंकिंग सरकारी अधिकारियों को जारी किया जाता है।

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