पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

क्या भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को अन्य देशों की यात्रा के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता है?



फिलहाल तो इस दुनिया में केवल एक ही व्यक्ति है जो बिना पासपोर्ट के अन्य देशों में कानूनी रूप से यात्रा कर रहा है और वह है क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय।
अब आते है प्रश्न पर। जी हाँ, जिस तरह एक आम नागरिक के पास विदेश जाने के लिए एक पासपोर्ट होना जरूरी है। उसी तरह हमारे देश के प्रधानमंत्री के पास भी विदेश जाने के लिए पासपोर्ट होना जरूरी है। लेकिन एक आम नागरिक के पासपोर्ट में और प्रधानमंत्री के पासपोर्ट मे सिर्फ यही एक अंतर है कि प्रधानमंत्री को विदेश यात्रा के दौरान किसी वीजा की जरूरत नही पड़ती है।
पीएम मोदी के पास टाइप 'डी' पासपोर्ट है - डी का मतलब 'डिप्लोमैटिक' है। डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जो कि एक मैरून रंग के कवर का होता है। इस तरह का पासपोर्ट, भारतीय राजनयिकों, शीर्ष रैंकिंग सरकारी अधिकारियों को जारी किया जाता है।

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