भारत के कुछ अजीबोगरीब कानून ! Some Unknown Laws of India

अंग्रेजों ने अपने शासन काल के दौरान बहुत से सख्त कानून बनाये थे ताकि इन कानूनों का सहारा लेकर भारतीयों को मानशिक रूप से गुलाम बनाया जा सके | इस लेख में हमने ऐसे ही कुछ कानूनों के बारे में बताया है जो कि या तो वर्तमान में प्रासंगिक नही हैं या फिर भारत सरकार ने उन्हें बदल दिया है परन्तु कुछ कानून तो आज भी अपने पुराने रूप में मौजूद हैं| 1. भारतीय दण्ड संहिता की धारा, 309: इस कानून के अनुसार यदि आप आत्महत्या करने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह सुनिश्चित कर लें कि आप अपने प्रयास में सफल हो जायें, नहीं तो जिन्दा बचने पर आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है क्योंकि भारत में आत्महत्या का प्रयास क़ानूनी रूप से अवैध है और यदि आप ऐसा करने में विफल हो जाते हैं तो आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। भारतीय कानून यह मानता है कि आपके शरीर पर सिर्फ आपका ही हक़ नही है बल्कि आपकी माँ, पिता, बहिन और भाई इत्यादि का भी उतना ही हक़ है जितना कि आपका | 2. भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898: इस अधिनियम का कहना है कि केवल भारत सरकार ही पत्र वितरित कर सकती थी इस प्रकार भारत में सभी प्रकार की कूरियर कंपनियों का बिज़नेस गैर कान…

आसमान से हवाई जहाज़ या रॉकेट जैसी दिखने वाली चीज, जो गुज़रने के बाद, सफ़ेद सी लकीर दिखती है, वो क्या होती है


 

क्या आपने कभी स्पष्ट नीले आकाश में एक हवाई जहाज या रॉकेट को उड़ते देखा है? रॉकेट के गुज़रने के बाद वो आसमान की बनी सफ़ेद लकीर को हम बचपन में तो बड़े आश्चर्य से देखते थे. कोई उसे रॉकेट का धुआं मानता था, तो कोई बर्फ़ की लकीर, क्योंकि यह आकाश में एक सफेद लकीर को पीछे छोड़ देता है। पर ​हम में से शायद अब भी कोई जानता हो कि वो असलियत में होती क्या है।तो आइये इसके बारे में जानते है।
जो सफेद लकीरें हैं वे वास्तव में कृत्रिम बादल हैं। वे कांट्रेल्ज़ (contrails) कहलाते हैं, जो “ कॉंडेन्सेशन ट्रेल (condensation trail)" वाक्यांश का एक छोटा संस्करण है। हवाई जहाज के इंजन धुएं का उत्पादन करते हैं, जैसे कार इंजन करते हैं। जब गर्म धुआँ एक विमान से निकलता हैं तब धुएं में जल वाष्प, हवा से टकराती है। 26,000 फीट या उससे अधिक की ऊंचाई पर, हवा बेहद ठंडी होती है (कभी-कभी -40 ° F से भी अधिक!)। ठंडी हवा जल वाष्प को संघनित (Condensed) करती है।
इसका मतलब यह है कि जल वाष्प गैसें छोटी पानी की बूंदों में बदल जाती हैं या यहां तक ​​कि अंत में वाष्पीकरण से पहले छोटे बर्फ के क्रिस्टल में जम जाती हैं। यह संघनित जल वाष्प और बर्फ के क्रिस्टल के मिश्रण से आकाश में आपके द्वारा देखे जाने वाले बादल जैसे निशान बन जाते हैं।
कांट्रेल्ज़ (Contrails) तेज़ हवा की वजह से अपनी जगह से खिसक भी जाती है, ज़रूरी नहीं है कि वो वहीं दिखे जहां से जहाज़ गुज़रा था.

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