कुछ बातें जो सबको पता होना चाइये भारत मे

औरते पीरियड्स के दौरान मंदिर मे पैर नहीं रख सकती।

लड़का अपने से कम कमाने वाली लड़की से ही शादी करता है।

घर के दो बच्चो मे से एक इंजीनियर या डॉक्टर तो बनेगा ही बनेगा।

कितनी भी अच्छी नौकरी क़र लो या खुश रह लो पर लोग तुम्हे सेटल शादी करने के बाद ही मानेंगे।

एक तरफ़ा रोड को भी दोनों तरफ देख क़र पार करना पड़ता है।

रोड पर आप किस नहीं क़र सकते पर सरे आम मूत जरूर सकते हो।

रिश्तेदार बस नाक मे दम करने के लिए ही होते है।

साल भर पोल्लुशण को ले क़र रो सकते है पर दिवाली पर सब जायज है।

मंगलवार और गुरुवार को नॉन वेज नहीं खाना है।

आई फोन वाले लोग अमीर ही होते है।

अगर चंद्रमा पर परमाणु विस्फोट किया जाए तो क्या होगा ! What Happens If a Nuclear Explosion On The Moon




वास्तव में 1950 के दशक में यू. एस. एयरफोर्स ने चांँद पे एक परमाणु परीक्षण करने के बारे में विचार किया था। हालाँकि ,प्रोजेक्ट ए119 के नाम से जाने वाले इस एकमात्र परीक्षण से चंद्रमा पे थोड़ा ही असर पड़ता।

सी.एन.एन. के एक इंटरव्यु में जब लियोनार्ड रिफेल जो कि ,इस प्रोजेक्ट में एक वैग्यानिक थे, से पूछा गया कि क्या हम चंद्रमा को कोई नुकसान पहुँचाने में अथवा, उसकी कक्षा से बाहर ढ़केलने में सक्षम हैं तो उनका जवाब था कि ,दरअसल हमारे पास, इतने परमाणु हथियार हैं ही नहीं। चाँद को उसकी कक्षा से ढकेलने के लिये ,लगभग 100 खरब मेगाटन अौर, कुछ गंभीर नुकसान पहुँचाने के लिये लगभग 10 अरब टी.एन.टी. की जरूरत पड़ेगी।
सत्तर के दशक में एक टेलीविजन शो स्पेस: 1999 (Space: 1999) इसी तरह की कहानी पे बना था जिसमें एक परमाणु दुर्घटना की वजह से चाँद अपनी कक्षा से निकल के अंतरिक्ष में चला जाता है। बेशक यह बस एक शो में ही हो सकता है , वास्तविकता में नहीं।
हमें चाँद की रेडियो-सक्रियता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। यह कॉस्मिक किरणों और सूर्य की विकिरणों के लिये खुला हुआ है और पृथ्वी के वायुमंडल की तरह इसके पास कोई सुरक्षा कवच भी नहीं है। नासा ने 2009 में ल्यूनर रिकॉनसेंस अॉर्बिटर (Lunar Reconnaissance Orbiter) भेजा था और इसका एक काम चाँद के वातावरण में विकिरण के बारे में तथ्य जुटाना था। इसकी कम ही संभावना है कि परमाणु विस्फोट करने से विकिरण स्तर पे कुछ ज्यादा असर पड़ेगा।
इमानदारी से कहूँ तो यह ऊँट के मुँह में जीरा समान होगा।

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