कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

सबसे खराब बॉडी लैंग्वेज आदतों में से कुछ क्या हैं ! What are some of the worst body language habits


 
 

हर इंसान की अपनी अलग शारीरिक भाषा यानी बॉडी लैंग्वेज होती है. इंसान चाहे कितना भी मीठा क्यों न बोले, उसका व्यवहार कितना भी अच्छा क्यों न हो, अगर उसकी बॉडी लैंग्वेज में खोट है तो इसका सामने वाले पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में जरूरी है‍ कि हम जो सोच रहे हैं, जो बोल रहे हैं उसका हमारी शारीरिक भाषा के साथ सामंजस्य हो.
बॉडी लैंग्वेज का कामकाज और सफलता पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है. आपके अंदर भले ही टैलेंट भरा हुआ हो, लेकिन अगर इसके साथ आपकी बॉडी लैंग्वेज में दोष है तो यह आपके सफलता की राह में बड़ा पत्थर साबित हो सकता है
1) बेफिक्र या भद्दे अंदाज में चलना
बेफिक्र या अल्हड़ अंदाज में चलने को अनादर माना जाता है. यह दिखाता है कि आपका सामने वाले की बातों में कोई रुचि नहीं है और आप उसकी कोई फिक्र नहीं करते. जबकि कार्यस्थल पर कोई भी मैनेजर बेफिक्र लोगों को जिम्मेदारी से दूर ही रखना पसंद करता है. यानी अगली बार जब आपका बॉस आपसे कुछ कह रहा हो तो न सिर्फ उन्हें सुने बल्कि खुद के जिम्मेदार होने का एहसास भी करवाएं.
2) बढ़ा चढ़ाकर पेश करना
जब कभी कार्यस्थल पर किसी से बात करें, फिर चाहे वह आपका बॉस ही क्यों न हो. छोटी-मोटी सफलता के लिए चीजों या बातों को बढ़ा चढ़ाकर पेश न करें. यह आपकी छवि को खराब करता है और सामने वाला यही समझता है कि आप बस बात करना जानते हैं. बातचीत के क्रम में कभी अपनी बांहों को न फैलाएं या हथेली दिखाकर बात न करें.
3) बार बार घड़ी देखना
किसी से बात करते समय उसकी आंखों में देखकर बात करें. यह बताता है कि आपके अंदर आत्मविश्वास है. नजरें चुराना या बार-बार घड़ी की ओर देखना गलत है. यह बताता है कि आप सामने वाले की बातों को सुनने की बजाय बातचीत को जल्द खत्म करना चाहते हैं.
4) खुद को दूसरों से अलग करना
आप बहुत अच्छा काम करते हैं, लेकिन अगर आप लोगों की बातचीत में शामिल नहीं होते तो यह गलत है. जब कभी ऑफिस के लोग आपस में बात कर रहे होते हैं तो खुद को उनसे दूर रखने की बजाय उनके ग्रुप में शामिल होना चाहिए. यह बताता है कि आप काम के साथ लोगों से बेहतर संबंध में भी दिलचस्पी रखते हैं.
5) क्रॉस लेग या क्रॉस आर्म्स
कई बार देखने में आता है‍ कि बातचीत के क्रम में लोग क्रॉस लेग होकर बैठना पसंद करते हैं. या बांहों को मोड़कर बात करते हैं. बॉडी लैंग्वेज के विशेषज्ञों का मानना है ऐसा नहीं करना चाहिए. खासकर तब जब आप अपने बॉस से बात कर रहे हैं. क्योंकि इसका अर्थ यह निकलता है कि आप खुलकर बात नहीं करना चाहते या कुछ छुपा रहे हैं.
6) बातचीत के क्रम में हावभाव
आप जो बोल रहे हैं, वह आपके चेहरे पर भी दिखना चाहिए. मसलन अगर आप दुखी हैं तो यह चेहरे पर दिखना चाहिए. परेशान हैं तो दिखना चाहिए. वरना सामने वाला आप पर कतई विश्वास नहीं करेगा.
7) हद से ज्यादा सिर हिलाना
सामने वाले की बात से सहमत होने पर हम सिर हिलाकर उसका समर्थन करते हैं, लेकिन बेवजह हर बात पर या हद से अधि‍क सिर हिलाने से बचें.
8) बार-बार बाल ठीक करना
बातचीत के क्रम में कभी भी अपने बालों को या कपड़ों को बार-बार ठीक न करें. इससे यह लगता है कि आप बस खुद का ध्यान रखते हैं और आपकों दूसरों की बातों या विचारों में कोई रुचि नहीं है.
9) आंख मिलना
जैसा कि पहले भी कहा गया है कि बातचीत के क्रम में आंख मिलाकर बात करें.
10) आंख मिलाएं, घूरे नहीं
आंख‍ मिलाकर बात करने का अर्थ सामने वालों की आंखों में आंखे डालकर घूरना नहीं होता. आम तौर पर बातचीत के क्रम में एक बार में 7-10 सेकेंड तक आंख मिलाकर बात करें. फिर पलक झपकाएं.
11) आंखें गोल-गोल घुमाना
बहुत से लोग बातचीत के क्रम में आंखें गोल-गोल घुमाते हैं. ऐसा करने से बचें. अगर यह आपकी आदत है तो इसे बदलने का प्रयास करें.
12) खुश रहें, चेहरे पर ताजगी बनाकर रखें
काम करते हैं तो काम से खुश रहना भी जरूरी है. हर वक्त चेहरा बनाकर रखना या दुखी दिखना अच्छी बात नहीं है.
13) हाथ मिलाते वक्त
कभी भी हल्के हाथ या बेफिक्री के अंदाज में हाथ न मिलाएं. इससे ऐसा लगता है जैसे आपके अंदर आत्मविश्वास की कमी है. जब हाथ मिलाएं, पूरी स्फूर्ति और ताजगी के साथ.
14) मुट्ठी बांधना
बातचीत के क्रम में मुट्ठी बांधना भी गलत संकेत देता है. इससे भी क्रॉस लेग या क्रॉस आर्म की तरह यही संकेत जाता है कि आप खुलकर बात नहीं करना चाहते.
15) अधि‍क निकट न जाएं
बातचीत के क्रम में जरूरी दूरी बनाकर रखें. बहुत अधि‍क निकट जाकर बातचीत न करें.

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