कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

राफेल विमान के बारे में कुछ रोचक तथ्य ! Some Interesting Facts About The Rafael Fighter Plane


 

सबसे पहले तो आपको बता दू की राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस की डसाल्ट एविएशन कंपनी बनाती है जो की एक बहुउपयोगी लड़ाकू विमान के रूप में देखा जाता है। राफेल डसाल्ट कंपनी द्वारा बनाया गया 2 इंजन वाला जबर्दस्त लड़ाकू विमान है। दरअसल फ्रेंच में राफेल का मतलब होता है तूफान।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1970 में फ्रांसीसी सेना ने अपने पुराने पड़ चुके लड़ाकू विमानों को बदलने की मांग की थी जिसके बाद फ्रांस ने 4 यूरोपीय देशों के साथ मिलकर एक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान की परियोजना पर काम शुरू किया जिसका नाम दिया गया राफेल। परन्तुकुछ समय बाद ही विमान के निर्माण के दौरान किन्ही कारणों से साथी देशों से कुछ मतभेद हो जाने के बाद फ्रांस ने इस विमान पर अकेले ही काम करना शुरू कर दिया।
भारत सरकार ने साल 2012 में फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों का सौदा किया था।
यह है राफेल की कुछ बेहतरीन खासियतें.....
1. यह 36 हजार फीट से लेकर 50 हजार फीट तक उड़ान भरने में सक्षम है। इतना ही नहीं यह 1 मिनट में 50 हजार फीट पर पहुंच जाता है।
2. यह 3700 किमी की रेंज कवर कर सकता है।
3. इसकी रफ़्तार 1920 किमी प्रति घंटे है।
4. यह 1312 फीट के बेहद छोटे रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है।
5. यह 15,590 गैलन ईंधन ले जाने की क्षमता रखता है
6. राफेल, हवा से हवा में मारक मिसाइलें ले जाने में सक्षम है।
7. राफेल एक बार में 1,852 समुद्री मील तक उड़ सकता है।
8. राफेल, अमेरिका के F-16 की तुलना में 0.82 फीट ज्यादा ऊंचा है।
9. राफेल हवा से हवा के साथ हवा से जमीन पर हमले के साथ परमाणु हमला करने में सक्षम होने के साथ-साथ बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान के साथ हवा से हवा में मिसाइल दाग सकता है। इतना ही नहीं इस विमान में ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम लगा है और लिक्विड ऑक्सीजन भरने की जरूरत नहीं पड़ती है।
10. एक रडार चेतावनी रिसीवर शत्रु की ट्रैकिंग सिस्टम की पहचान करने के लिए।
11. एक दृश्य सीमा से परे की हवा से हवा में मिसाइल से मारक क्षमता है जो संभवतः अपनी कक्षा में सर्वश्रेष्ठ है। 150 किमी की सीमा पर दुश्मन के विमानों को उड़ा सकता है। मतलब एल ओ सी पार किये बिना ही पाकिस्तान का काफी क्षेत्र हमारी रेंज में।
12. इसमें खास इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम भी लगा है जिसकी मदद से दुश्मनों को लोकेट किया जा सकता है और तो और उनके रडार को भी जाम किया जा सकता हैं।
13. अपने स्वयं के वजन का दोगुना से अधिक वजन ले जा सकता है। परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है।
सभी रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि अब जंग उसी देश के द्वारा जीती जाएगी जिसकी वायुसेना में ताकत होगी। ऊपर दिए गए आंकड़े यह सिद्ध करते हैं कि राफेल विमान बहुत ही जबरदस्त लड़ाकू विमान है।

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