भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य ! What strange facts about Indian women

भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य मनोज लालवानी (Manoj Lalwani),   औरतें प्रेम करने के लिए बनी हैं, समझने के लिए नहीं। – ऑस्कर वाइल्ड - औरतों की रहस्यताओं पर विराम लगाता हुआ यह कथन काफ़ी हद तक सही प्रतीत होता है। औरत से प्रेम करो आपको उनको समझने की ज़रूरत ही ख़त्म हो जाएगी। समझ के करना क्या है? क्यूँ जटिलता बढ़ाएँ? प्रेम करो बदले में प्रेम पाओ। आदर दो, आदर पाओ। संक्षेप में दिल लगाओ, दिमाग़ मत लगाओ। जीवन को आसान बनाओ। पर चूँकि दुनिया है, लोग हैं, सोचें हैं, भिन्नता है तो जीवन इतना आसान भी नहीं जान पड़ता है। हर व्यक्ति की भिन्न भिन्न विचारधारा है। औरत के व्यक्तित्व की जटिलताओं के बारे में इतना ज़्यादा लिखा गया है कि वो ब्रह्माण्ड का सफ़र पूरा कर के आने जैसा है। औरत का व्यक्तिव वो जहाँ निवास करती हैं उस देश व काल के अनुसार परिभाषित होता है। भारतीय महिलाएँ भी भिन्न नहीं है उनकी भी कुछ व्यक्तिपरक विशेषताएँ हैं। आइए उनके व्यक्तित्व के पहलुओं पर तथ्यपरक नज़र डालते हैं। इनमें कुछ तथ्य देसी हैं तो कुछ तथ्य सार्वभौमिक। कुर्सी की पेटी बाँध लीजिए, सफ़र लम्बा व उतार चढ़ाव वाला है। दुनियादा…

क्यों चीन इतना अमीर है और भारत इतना गरीब ! Why is China so rich and India so poor



एक जमाना था जब चीन में मानव अधिकार नहीं थे, वहां के तानाशाह माओ ने 2 करोड़ लोगों की जान भुखमरी के माध्यम से ले ली थी | यूँ तो चीन के पास उस वक्त भी कई प्राकृतिक संसाधन थे , लेकिन 1979 में चीन ने दुनिया के सामने अपनी उस शक्ति का प्रचार किया, जो उसका भविष्य बदलने वाला था |
वो शक्ति थी चीन की जनसँख्या | चीन के पास युवाओं की फ़ौज थी, उन्होंने दुनिया को कहा की आप अपनी फैक्ट्री चीन में लगाइए , हम आपको दुनिया में सबसे सस्ता लेबर (मजदूर) प्रदान करेंगे |
चीन में फैक्ट्री लगाना बेहद आसान हो गया , चूँकि चीन में कम्युनिस्ट शासन था, और कम्युनिस्ट शासन में जमीन की निजी स्वामित्व नहीं होती है | चीन ने अपने विशाल देश की जमीने कौड़ियों के दाम पर विदेशी कंपनियों को दे दी | तत्काल प्रभाव से “मेड इन चाइना” मुहीम ने रफ़्तार पकड़ ली | और उसका परिणाम क्या हुआ हम सभी जानते है |
ऐसा भारत में हम नहीं कर सकते थे, किसी की जमीं छीन कर वहां फैक्ट्री लगाने का फैसला कोई सरकार लेती , तो देश में क्रांति ही हो जाती | हाल ही में भूमि अधिग्रहण कानून मोदी सरकार ने वापस ले लिया | और भारत में तगड़े मजदुर कानून है | मजदूरों के अधिकारों, बोनस, पी ऍफ़ इत्यादि के कड़े प्रावधान है |
केवल यही एक अंतर था जिसने चीन को वर्तमान में हमसे आगे पहुंचा दिया है |
भारत बिल्कुल गरीब है ऐसा भी नहीं है, भारत की गरीबी में काफी सुधार हुआ है , 1991 के बाद से गरीबी घटी ही है , बढ़ी नहीं है | कई राज्य ऐसे है जहाँ मुफ्त के राशन या फिर सरकारी माल के लिए 3 मंजिला घर में रहने वालो ने भी बी पी एल कार्ड बनवा लिया है | भारत में गरीबी एक समस्या जरुर है लेकिन भारत की गरीबी उतनी भी नहीं है जितना हम दिखाते हैं | बहुत से लोगों ने शासकीय लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया है जिससे गरीबी के आंकड़े विश्वसनीय नहीं है |

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