भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य ! What strange facts about Indian women

भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य मनोज लालवानी (Manoj Lalwani),   औरतें प्रेम करने के लिए बनी हैं, समझने के लिए नहीं। – ऑस्कर वाइल्ड - औरतों की रहस्यताओं पर विराम लगाता हुआ यह कथन काफ़ी हद तक सही प्रतीत होता है। औरत से प्रेम करो आपको उनको समझने की ज़रूरत ही ख़त्म हो जाएगी। समझ के करना क्या है? क्यूँ जटिलता बढ़ाएँ? प्रेम करो बदले में प्रेम पाओ। आदर दो, आदर पाओ। संक्षेप में दिल लगाओ, दिमाग़ मत लगाओ। जीवन को आसान बनाओ। पर चूँकि दुनिया है, लोग हैं, सोचें हैं, भिन्नता है तो जीवन इतना आसान भी नहीं जान पड़ता है। हर व्यक्ति की भिन्न भिन्न विचारधारा है। औरत के व्यक्तित्व की जटिलताओं के बारे में इतना ज़्यादा लिखा गया है कि वो ब्रह्माण्ड का सफ़र पूरा कर के आने जैसा है। औरत का व्यक्तिव वो जहाँ निवास करती हैं उस देश व काल के अनुसार परिभाषित होता है। भारतीय महिलाएँ भी भिन्न नहीं है उनकी भी कुछ व्यक्तिपरक विशेषताएँ हैं। आइए उनके व्यक्तित्व के पहलुओं पर तथ्यपरक नज़र डालते हैं। इनमें कुछ तथ्य देसी हैं तो कुछ तथ्य सार्वभौमिक। कुर्सी की पेटी बाँध लीजिए, सफ़र लम्बा व उतार चढ़ाव वाला है। दुनियादा…

स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य ! Statue of Liberty Interesting Facts




स्टेचू ऑफ लिबर्टी के बारे में 26 ऐसे दिलचस्प तथ्य, जो शायद आप नही जानते.

1. स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी किसी पुरूष की नही बल्कि एक महिला की मूर्ति है, मूर्तिकार ने इसका चेहरा अपनी माँ के चेहरे पर बनाया था।
2. जब Statue of Liberty की प्रतिमा बनकर खड़ी हुई थी तब यह उस समय की लोहे की सबसे ऊँची संरचना थी।
3. हर साल स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने लगभग 32 लाख लोग आते है जबकि एफिल टाॅवर को 70 लाख।
4. Statue of Liberty का पूरा नाम ‘Liberty Enlightening the World‘ है, ये मूर्ति 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को उपहार में दी थी।
5. ‘Statue of Liberty‘ को दुनिया के सामने 28 oct, 1886 को लाॅन्च किया गया था लेकिन इसका सिर 1878 में पेरिस के विश्व मेले में ही दिखा दिया गया था।
6. स्टैचू ऑफ लिबर्टी को बनने में लगभग 9 साल से कुछ ज्यादा का समय लगा था।
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7. इस मूर्ति के एक हाथ में मशाल और एक हाथ में किताब है. किताब बायें हाथ में पकड़े हुए है जो 23 फीट 7 इंच लंबी और 13 फीट 7 इंच चौड़ी है. किताब पर JULY IV MDCCLXXVI (रोमन में 4 July, 1776) लिखा हुआ है ये अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस की तारीख है।
8. स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी की ऊँचाई 22 मंजिला इमारत के बराबर है. धरती से लेकर मशाल की नोंक तक की ऊँचाई 305 फीट 6 इंच और प्रतिमा की एड़ी से चोटी तक की ऊँचाई 111 फीट 6 इंच है. इस प्रतिमा का कुल वजन 2,04,116 किलो है. इसकी कमर की लंबाई 35 फीट है और इसके ताज तक पहुंचने के लिए लोगों को 354 सीढियाँ चढ़नी पड़ती है।
9. STATUE OF LIBERTY बनाने का आइडिया ‘Edouard de Laboulaye‘ ने दिया जबकि इसे डिज़ाइन ‘Frederic-Auguste Bartholdi‘ ने किया था और इसकी रीढ़ की हड्डी का डिजाइन एफिल टाॅवर को डिजाइन करने वाले गुस्ताव एफ़िल ने किया था।
10. इस विशाल मूर्ति का जूता 879 नंबर का है.
11. इस मूर्ति के मुकुट पर सात कील है जो सातों महाद्वीपों और समुंद्रो को दर्शाती है. एक कील की लंबाई 9 फीट और वज़न 68 किलो है. मुकुट पर 25 खिड़कियाँ भी है जो धरती के रत्नों को दर्शाती है।
12. ये बात 1982 में पता चली कि स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी का चेहरा केंद्र से 2 फीट पीछे हट कर स्थापित किया गया है. इसके चेहरे की लंबाई 8 फीट और शक्ल मूर्तिकार की माँ जैसी है।
13. STATUE OF LIBERTY को फ्रांसीसी और अमेरिकियों द्वारा दान दिए गए पैसे से बनाया गया था. दरअसल 1885 में न्यूयाॅर्क के एक न्यूज़पेपर में दान करने की घोषणा कर दी गई तो उस समय कुल 1 लाख 2 हजार डाॅलर दान आया था. इसी दान से इस मूर्ति को बनाया गया. वैसे ‘Boston और Philadelphia‘ के एक ग्रुप ने ये पेशकश भी की थी कि इस मूर्ति को बनाने का पूरा खर्चा हम देगे लेकिन इसकी जगह बदलनी पडेगी।
14. ‘स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी’ पर हर साल 300 बार बिजली गिरती है. यदि इस पाॅवर को इकट्ठा किया जाए तो यह 600 volts बनती है. इस पर बिजली गिरते हुए पहला फोटो 2010 में खींचा गया था।
15. जिस टापू पर इस मूर्ति को बनाया गया था उसका नाम ‘Bedloe Island’ था जिसे 1956 में बदलकर ‘लिबर्टी आइलैंड’ कर दिया गया।
16. अभी तक कुल दो लोगो ने इस मूर्ति से कूदकर आत्महत्या की है.. एक 1929 में और एक 1932 में..
17. 1886 में, पेडेस्टल समेत स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी को बनाने का खर्च $5 लाख, आज के हिसाब से $1 करोड़ आया था. यदि आज ये मूर्ति बनाई जाती तो $12 लाख खर्च आता।
18. यह मूर्ति रोमन देवी Libertas (लिबर्टस) से प्रेरणा लेकर बनाई गई है क्योंकि उसे स्वतंत्रता की देवी माना जाता है।
19. इस मूर्ति की दो फोटो $10 के नोट पर भी छपी है और डाक टिकट पर भी.. डाक टिकट पर जो फोटो है वह न्यूयाॅर्क वाली असली मूर्ति की नही बल्कि लाॅस वेगास वाली नकली मूर्ति की फोटो है।
20. इस स्वतंत्रता इतिहास की इस प्रतिमा को 1984 में UNESCO की विश्व धरोहर की लिस्ट में भी शामिल कर लिया गया था।
21. STATUE OF LIBERTY की जो मशाल है यह इस मूर्ति का पहला हिस्सा था जो 1876 में सबसे पहले बनकर तैयार हुआ था. दुर्भाग्यवश, 1916 में विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सैनिकों द्वारा किए गए विस्फोट के कारण यह मशाल क्षतिग्रस्त हो गई तो इसकी मरम्मत करने में 1 लाख डाॅलर का खर्च आया था. तब के बाद मशाल की सीढियों को बंद कर दिया गया और 1984 में पुरानी मशाल को हटाकर 24 कैरेट सोने के पत्तों की पतली चादर से ढकी तांबे की नई मशाल लगा दी गई और असली मशाल को उतारकर मूर्ति की लाॅबी में रख दिया।
22. 1980 के आसपास, यह पूरा का पूरा स्टेचू एक बिजली पैदा करने वाला ढाँचा बन गया था. क्योंकि धातु से बने होने के कारण ये नमक और पानी के संपर्क में आने से एक बड़ी बैटरी बन गया था।
23. जब 80KMPH से स्पीड की हवा चलती है तब यह मूर्ति 3 इंच तक और इसकी मशाल 5 इंच तक हिलने लगती है।
24. पाकिस्तान, मलेशिया, ताइवान, ब्राजील और चीन में स्टेचू ऑफ लिबर्टी का duplicate भी है।
25. इस मूर्ति का बुनियादी ढाँचा लोहे का और बाहर से 2 पैनी जितना मोटा हिस्सा तांबे से बना हुआ है. इसे बनाने में 300 तरह के हथौड़ों का प्रयोग हुआ है. इसमें इतना तांबा प्रयोग किया गया है कि 3 करोड़ पैनी बन सकती है. इसे बनाने में 1 लाख किलो स्टील और ढाई करोड़ किलो कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है. यह शुरूआत में भूरे रंग की थी लेकिन 30 साल बाद ऑक्सीकरण के कारण हरे रंग की हो गई।
स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी कहाँ है – Statue Of Liberty Kaha Sthit Hai
STATUE OF LIBERTY, लिबर्टी आइलैंड पर स्थित है. ये आइलैंड NATIONAL SERVICE PARK की सघीय संपत्ति है जो न्यूयाॅर्क राज्य के अंदर आता है. 1834 में NEW YORK और NEW JERSEY के बीच एक समझौता भी हुआ था, जिसमें ये तय किया गया कि स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी NEW YORK में हैं।

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