महिलाएं पुरुषों के किन अंगों को देखकर आकर्षित होती हैं ! Which parts of men are attracted by women?

मनोज लालवानी (Manoj Lalwani),


बात महिलाओं की पसन्द की है तो बहुत सारे विकल्प होने ज़रूरी हो जाते हैं। क्योंकि चुनने के लिए कम विकल्प होने से अधिकांश महिलाएँ तनाव में आ जाती हैं। यह विकल्प, सौभाग्यवश, बहुतेरे और सशरीर मौजूद हैं। अगर पुरुष के अंगों का ज़िक्र होगा तो उनका शरीर अपने आप आएगा। सबसे पहले बात करते हैं पुरुष शरीर की। मगर उस से पहले बात करनी पड़ेगी महिला की चाह की। क्योंकि महिला की चाह पुरुष का विशेष अंग नहीं होता, बल्कि उनका अंग प्रत्यंग होता है। और सिर्फ़ अंग प्रत्यंग ही नहीं, उसके साथ ना जाने कितने और रंग ज़रूरी हैं। तो बात करते हैं पुरुषों के इन्हीं अंग-प्रत्यंग, रंग-ढंग की महिलायें, पुरुष की उस चीज़ की तरफ़ सबसे ज़्यादा खिंचाव महसूस करती हैं, जिस चीज़ की वो ख़ुद में कमी पाती हैं। वैसे यह सिद्धान्त हम सभी पर लागू होता है “हम उसी और खिंचे चले जाते हैं, जिस की हम ख़ुद के जीवन में कमी पाते हैं।” चूँकि बात यहाँ महिलाओं की है तो हम उन्ही की बात करते हैं। सबसे पहली कमी जो लगभग हर महिला को पुरुष की तुलना में खलती है। वो है “क़द” महिलाएँ ख़ुद से लम्बे पुरुषों की तरफ़ आकर्षित होती ह…

क्या दवाइयाँ सच में एक्सपायर होती हैं ! Do medicines really expire

Note: जिन दवाओं की समाप्ति तिथि (Expiry date) गुज़र गई हों वो दवाइयां ना लें। यह उत्तर केवल आपकी जानकारी के लिए है।


जी दवाइयां एक्सपायर होती है . पर वैसे नही जैसा हम उन्हें समझते है। 1979 में USFDA ने ऐसा क़ानून बनाया कि ड्रग निर्माताओं को समाप्ति तिथि लिखना अनिवार्य हो गया।
समाप्ति तिथि का अर्थ है कि . कोई भी ड्रग निर्माता उसकी समाप्ति तिथि तक . उन दवाओं का पूरी तरह से असरदार होने की गारंटी लेता है। पर ज्यादातर दवाइयां समाप्ति तिथि के बाद भी ठीक रहती है . और उन्हें लिया जा सकता है।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस की बात करें तो . भारत मे ज्यादातर टैबलेट (solid dose) की समाप्ति तिथि 3 सालों तक दी जाती है। जब इनकी stability testing की जाती है . तो इन्हें अलग अलग रख रखाव के तापमान और आद्रता के पैमानों पर टेस्ट किया जाता है . जिससे इनकी समाप्ति तिथि का अनुमान लगाया जा सके।
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़ . कई दवाइयां अपने समाप्ति तिथि के 15 वर्षो बाद तक भी ठीक रहती है।   
इन्होंने सेना को दी जाने वाली महँगी दवाओं पर . एक रिसर्च किया जिसमें ये पाया गया कि सेना को . इतनी जल्दी दवाएं बदलने की ज़रूरत नही है।
आपको यह भी बता दूं कि . कई दवाओं में overages भी मिलाई जाती है। कुछ दवाओं  खाद्य पदार्थ समय के साथ बिगड़ते है और उनमें API (active pharmaceutical ingredients)  की मात्रा कम होती जाती है। इससे निपटने के लिए कुछ अतिरिक्त मात्रा मिलाई जाती है जिससे वो अपनी समाप्ति तिथि तक असरदार रहे।
अगर 15 सालों की बात न भी माने तो कम से कम समाप्ति के 1 साल बाद तक ड्रग्स ख़राब नही होते। जब इनकी stability testing की जाती है तब इन्हें एक साल के extended period तक रखा जाता है। इसमें ज्यादातर ड्रग्स 1 साल के बाद भी बिलकुल पहले की तरह असरदार होती है।
कुछ बातें ध्यान रखने योग्य :
  • जब आप कोई दवा ले तो उसे उसमे दिए गए निर्देशो के अनुसार ही स्टोर करें। इससे उनकी shelf life बनी रहती है। अत्यधिक गर्मी या ठंड में दवाओं की stability पर असर पड़ता है।
  • अगर कोई विशेष निर्देश न हो तो सूखी, ठंडी जगह पर रखे, प्रकाश से दूर।
  • केवल कुछ दवाओं को ही रेफ्रीजिरेटर में रखने की ज़रूरत होती है। ये ज्यादातर बायोलॉजिकल ड्रग्स होती है।

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