आखिर क्यों मच्छर झुंड में सिर पर मंडराते हैं ! Why the mosquitoes roam on the head

अभिषेक सिंह (Abhishek Singh)
ऐसा हमने जरूर बचपन मे देखा होगा और सोचा भी होगा की आखिर क्यों ऐसा मेरे साथ हो रहा है। सबसे अजीब बात ये की उस जगह से भागने पर भी वापस सिर पर मंडराने लगते थे। लेकिन शायद ही अब कोई ध्यान देता हो, मगर ऐसा अभी भी होता ही हैं कि मच्छर आपके सिर पर कई बार मंडराते हैं। ऐसी आदत न केवल मच्छरों है कि होती है बल्कि अन्य मक्खियों और कीड़े भी ऐसा करते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। यदि यह मादा मच्छर है, तो यह आपके सिर पर मंडराती है क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य पदार्थों (पसीना, गंध और गर्मी सहित) में रुचि रखता है जिसे आप लगातार निकालतेे हैं। उनके एंटीना पर सेंसर लगे होते हैं जो इन चीजों का पता लगाते हैं और भोजन के स्रोत का पता लगाने में उनकी मदद करते हैं। मच्छर विशेष रूप से ऑक्टेनॉल (मानव पसीने में पाया जाने वाला एक रसायन) के शौकीन हैं, इसलिए यदि आपको बहुत पसीना आ रहा होता हैं, तो आप इनके आसान लक्ष्य बन जाते हैं। कभी-कभी, आपने देखा होगा कि बगीचे में अपने दोस्तों से बात करते समय, मच्छरों का झुंड विशेष रूप से आपके सिर के ऊपर मंडरा रहा होता है और दूसरो…

फेसबुक के बारे में रोचक तथ्य ! Interesting Facts About Facebook

कई लोग तो अपना पूरा दिन फेसबुक में ऑनलाइन रहते हुए बिता सकते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गई है। हम आस-पास ऐसे लोग भी देखते है जो फेसबुक के बिना नही रह सकते। 




फेसबुक की शुरूआत 4 फरवरी 2004 को की गई थी। मार्क जुकरबर्ग को सैलरी के तौर हर साल एक डॉलर मिलता है। 
Facebook वेबसाइट सिर्फ हिंदी और इंग्लिश और कुछ चुनिंदा भाषाओं में ही नहीं Facebook पेज को यूजर्स अपनी सुविधा के हिसाब से 70 अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकते हैं। 
फेसबुक के नीले रंग में रंगे होने के पीछे सीधा-सा कारण है। 
इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग का कलर ब्लाइंड होना। उन्हें हरे और लाल रंग में अंतर पता नही लगता। Facebook की प्राइवेसी सेटिंग्स के कारण हर यूजर को ब्लॉक करने की सुविधा दी गई है, लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि आप चाहें तो भी Facebook से मार्क जुकरबर्ग को ब्लॉक नहीं कर सकते हैं। 
अगर आप ऐसा करने की कोशिश करेंगे तो Facebook की तरफ से एक एरर मैसेज दिखेगा। 
अगर आप Facebook अकाउंट लॉगिन करके Internet पर कोई और काम करते है तो भी Facebook आपकी सभी गतिविधी रिकार्ड कर रही है।
 मार्क ने Facebook के ‘लाइक’ (Like) बटन का नाम पहले ‘ऑसम’ (Awesome) रखने का डिसीजन लिया गया था। लेकिन मार्क की किसी ने एक न सुनी। 
Facebook पर कई फीचर्स की तरह एक Poke भी है। लेकिन अगर आप किसी से इसका मतलब पूछेंगे तो शायद ही कोई इसका मतलब बता पाए। 
क्योंकि खुद फेसबुक ने भी इसका कोई मतलब या इसका काम तय नहीं किया है। लेकिन इसका ज्यादा प्रयोग करने पर आप ब्लॉक हो सकते है। 
सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन पूरी दुनिया में जितने लोग इंटरनेट पर हैं उनमें से पचास प्रतिशत लोग Facebook से जुड़े हुए हैं। अगर Facebook का Server Down हो जाए तो इसे हर मिनट 25 हजार डॉलर का नुकसान होगा। 
Yahoo व MTV ने एक करोड़ डॉलर में इस साइट को खरीदना चाहा तो मार्क ने कहा? पहले मैं सूचना आदान-प्रदान का खुला वैश्विक प्लेटफॉर्म बना लूं फिर मुनाफे के बारे में विचार करूंगा।
 शायद आपको यह जानकर हैरानी हो लेकिन Facebook का एडिक्शन एक बीमारी का रूप लेता जा रहा है। दुनियाभर में हर उम्र के लोग Facebook एडिक्शन डिसऑर्डर यानी Facebook की लत से जूझ रहे हैं। इस बीमारी का संक्षिप्त नाम FAD है।
 इस वक्त दुनिया में लगभग 35 करोड़ लोग FAD से ग्रसित हैं। यदि फेसबुक एक देश होता तो दुनिया में यह पांचवां सबसे बड़ा देश होता जिसका नंबर चीन, भारत, अमेरिका, और इंडोनेशिया के बाद आता। Facebook पर रोजाना 6 लाख के करीब हैकर्स अटैक होते है। 
दिसम्बर 2009 में Facebook ने privacy setting में कुछ बदलाव किये थे जिसके बाद जुकरबर्ग की एक तस्वीर जिसमे वह टेडी बीअर पकडे हुए है पब्लिक हो गयी थी।
 Facebook हर महीने 3 करोड़ डॉलर सिर्फ hosting पर ही खर्च करता है 2009 में Whatsapp के को-फाउंडर ब्रायन ऐक्टन को Facebook ने जॉब देने से मना कर दिया था।
 2011 में अमेरिका में Facebook तलाक का सबसे बड़ा कारण बनी थी। अमेरिका में हर 5 में से एक शादी के टूटने की वजह कहीं ना कहीं फेसबुक से जुड़ी रहती है। Facebook ग्लोब (नोटिफिकेशन टैब) यूजर्स की लोकेशन के हिसाब से बदल जाती है। 
फेसबुक प्रोफाइल पर मार्क जुकरबर्ग के पेज तक पहुंचने का एक खास शॉर्टकट भी है। 
अगर आप Facebook के URL के आगे नंबर 4 लिख देंगे तो आपका ब्राउजर सीधे मार्क जुकरबर्ग के पेज तक ले जाएगा। 2011 में Facebook की मदद से ही Iceland का संविधान लिखा गया था। 
आपने जिस डाटा को Facebook पर टाइप तो किया लेकिन उसे कभी पोस्ट नहीं किया क्या आप सोच सकते हैं कि उस डाटा को कोई कभी पढ़ सकता है। 
जी हां, Facebook ने एक स्पेशल टीम बनाई है जो ऐसे डाटा को एनालाइज करती है जो आपने टाइप तो किया लेकिन कभी पोस्ट नहीं किया। 
अगर आपको घर बैठे-बैठे पैसे कमाने हैं तो Facebook को हैक कर लीजिए। जी हाँ, 500 डॉलर्स की राशि हर उस इंसान को दी जाती है जो फेसबुक को हैक कर सके।
 अगर आप Facebook की किसी गलती को भी पकड़ लेते हैं तो भी आप इनाम के हकदार होंगे।  

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