कुछ बातें जो सबको पता होना चाइये भारत मे

औरते पीरियड्स के दौरान मंदिर मे पैर नहीं रख सकती।

लड़का अपने से कम कमाने वाली लड़की से ही शादी करता है।

घर के दो बच्चो मे से एक इंजीनियर या डॉक्टर तो बनेगा ही बनेगा।

कितनी भी अच्छी नौकरी क़र लो या खुश रह लो पर लोग तुम्हे सेटल शादी करने के बाद ही मानेंगे।

एक तरफ़ा रोड को भी दोनों तरफ देख क़र पार करना पड़ता है।

रोड पर आप किस नहीं क़र सकते पर सरे आम मूत जरूर सकते हो।

रिश्तेदार बस नाक मे दम करने के लिए ही होते है।

साल भर पोल्लुशण को ले क़र रो सकते है पर दिवाली पर सब जायज है।

मंगलवार और गुरुवार को नॉन वेज नहीं खाना है।

आई फोन वाले लोग अमीर ही होते है।

Facebook ने बदल दी है पॉलिसी, मैसेज में कुछ भी भेजने से पहले यह रिपोर्ट पढ़ें





अगर आपको भी दंगा भड़काने और उल्टे-सीधे मैसेज फेसबुक पर भेजने की आदत है तो सावधान हो जाइए। डाटा लीक होने के बाद से ही Facebook लगातार अपनी पॉलिसी का रिव्यू कर रहा है। पहले कंपनी ने फेसबुक ऐप में प्राइवेसी के लिए अलग से एक बटन दिया और वहीं अब कंपनी ने कहा है कि वह फेसबुक मैसेंजर में शेयर होने वाले सभी मैसेज को स्कैन करेगी और अगर कुछ आपत्तिजनक या कंपनी के नियमों के खिलाफ पाया जाता है तो उसे ब्लॉक किया जाएगा।

मार्क जुकरबर्ग ने इसकी जानकारी हाल ही में एक इंटरव्यू में दी है। उन्होंने कहा कि फेसबुक उन लोगों को ट्रैक करेगा जो सनसनी फैलाने वाले मैसेज या कंटेंट को फेसबुक मैसेंजर में भेजते हैं।वहीं ट्वीटर पर कुछ लोगों ने फेसबुक के इस नियम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसका मतलब यह है कि फेसबुक मैसेज को पढ़ेगा।

इस पर फेसबुक ने कहा है कि कंपनी मैसेज को इस्तेमाल विज्ञापन के लिए नहीं करेगी, बल्कि उसका मकसद सिर्फ आपत्तिजनक सामग्री को फैलने से रोकना है। दरअसल मैसेजेंर में शेयर वाले फोटो और वीडियो को कंपनी फोटो मैचिंग टेक्नोलॉजी की मदद से स्कैन करेगा ताकि वायरस और आपत्तिजनक कंटेंंट पर रोक लगाई जा सके।

Comments