कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

बचपन से ही जरूरी है धूप और विटामिन-डी


 चारों तरफ शीशे से बंद पूर्णत: एयरकंडीशनिंग वाले घर और दफ्तर भले ही आरामदायक महसूस होते हों, लेकिन ये आपकी हड्डियों को खोखला बना रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिये नुकसानदायक साबित हो सकता है। वरिष्ठ अस्थि शल्य चिकित्सक राजू वैश्य ने देश के अलग-अलग शहरों में जोड़ों में दर्द एवं गठिया (ऑर्थराइटिस) के एक हजार मरीजों पर अध्ययन करने पर पाया कि इनमें से 95 प्रतिशत मरीजों में विटामिन-डी की कमी है जिसका एक मुख्य कारण पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं मिलना है जो विटामिन-डी का मुख्य स्रोत है।






आर्थराइटिस केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष वैश्य ने यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि विटामिन-डी का मुख्य स्रोतसूर्य की रोशनी है, जो हड्डियों के अलावा पाचन क्रिया में भी बहुत उपयोगी है।



व्यस्त दिनचर्या और आधुनिक संसाधनों के कारण लोग तेज धूप सहन नहीं कर पाते। सुबह से शाम तक आधुनिक कार्यालयों में रहते हैं। खुले मैदान में घूमना-फिरना और खेलना भी बंद हो गया। इस कारण धूप के जरिये मिलने वाला विटामिन-डी शरीर तक नहीं पहुंच पाता। जब भी किसी को घुटने या जोड़ में दर्द होता है, तो उसे लगता है कैल्शियम की कमी हो गई। विटामिन-डी की ओर ध्यान ही नहीं जाता। (वार्ता)

Comments

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