What should every Indian know about China?

China is thrice the size of India at about 9.6 million sq. km vs. 3.2 million sq. km with only a little more population than ours.Historically, the Chinese name for India was Tianzhu - meaning heaven. In return, Indians called them by chin (after their most glorious empire - Qin) that eventually got caught by rest of the world now.Although Indians incessantly talk & compare with China, the Chinese understandably don't compare themselves with India. It is because they want to emulate/compare themselves with Europe/US than a poorer country they have beaten in race since 1978. http://www.nytimes.com/2011/09/0... (everyone wants to be compared with someone better than them).Just like how we say Namaste (with folded hands), Chinese traditional greeting comprises of bowed head and folded palms.
Whether it be gold buying, sending students abroad, scouting for resources in Africa/Latin America or wooing foreign investors both India and China compete vigorously to rank in 1 or…

जोड़ों एवं घुटनों के दर्द से छुटकारा पाने के आयुर्वेदिक उपाय


Ayurveda Remedies for Joint and Knee Pain in Hindi 


जानिए जोड़ों एवं घुटनों के दर्द के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय



जोड़ यानी joints शरीर के ऐसे हिस्से होते हैं जहाँ दो या दो से ज्यादा हड्डियाँ मिलती हैं जैसे घुटने, कमर, गर्दन, कंधे आदि।

जॉइंट पेन के यूँ तो अनेक कारण हो सकते हैं पर इसके प्रमुख कारण हैं-

उम्र का  बढ़ना,
जोड़ो के कार्टिलेज घिस जाना,
joints में चिकनाई की कमी का होना ,
कैल्शियम एवं अन्य खनिज तत्वों की कमी होना ,
गठिया आदि

सर्दियाँ आते ही जोड़ों और घुटने के दर्द की समस्या बढ़ जाती है, जिसे अक्सर लोग दर्द की गोली खाकर पीछा छुड़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि दर्द की गोली के Liver, Kidney और पेट पर कितने side effect होते हैं।

इस स्थिति में Ayurved के कई natural एवं घरेलू उपाय घुटनों के दर्द (knee pain), कमर दर्द (lower back pain), arthritis आदि में बहुत फायदेमंद होते हैं और आज इस article में हम आपको ऐसे ही जोड़ों के दर्द में बेहद कारगर 7 घरेलू उपाय बताएँगे हम -
1.अश्वगंधा एवं सोंठ पाउडर (Indian ginseng and ginger powder) :



इसके लिये 40 ग्राम नागौरी अश्वगंध पाउडर, 20 ग्राम सोंठ चूरण तथा 40 ग्राम की मात्रा में खाण्ड पाउडर लें। तीनों को मिक्स कर लें । Joint pain एवं घुटनों के दर्द में इस चूर्ण को 3-3 ग्राम मात्रा में सुबह शाम गर्म दूध के साथ लेने से जोडों के दर्द में और सूजन में बहुत अच्छा आराम मिलता है।
2. मेथी दाना (Fenugreek seed powder) :

मेथी दाना का joints पर असर दर्द की गोली की तरह Analgesic एवं anti inflammatory होता है। इसके लिये दाना मेथी का पाउडर आधा से एक चम्मच सुबह शाम खाने के बाद गर्म पानी से लें। दर्द में आराम मिलेगा।

3.लहसुन का दूध (Garlic Milk) :



इसके लिये 250 ग्राम दूध में 2-3 कली लहसुन की छील व कूट कर डाल दें। दूध को उबालें। सर्दियों में रात के समय इस दूध को पीने से जोड़ों की जकड़ाहट दूर होती है और दर्द एवं सूजन में आराम मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार लहसुन वायु का नाश करता हैं जो की जोडों के दर्द का मुख्य कारण माना गया है।
4.हल्दी का दूध (Turmeric Milk) :

हल्दी भी जोड़ों के दर्द व सूजन में बहुत गुणकारी होती हैं। इसके लिये 250 ग्राम दूध में चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर डाल कर पीने से कुछ ही दिन में आपको बहुत आराम मिलता है।

Ayurvedic Remedies for Joint and Knee Pain in Hindi
5.रासनादि क्वाथ एवं एरंड तेल (Castor oil) :



रासनादि क्वाथ एवं castor oil joint pain के लिये बहुत प्रसिद्ध दवा है। इसके लिये एक चम्मच रासनादि क्वाथ जो कि सूखा ही मार्केट में मिलता है को 200 ml पानी में डालकर उबालें। 50 ml पानी शेष रहने पर नीचे उतार कर छान लें। अब इस पानी में 20 ml मात्रा में castrol oil मिलायें। रात में गर्म गर्म पीयें। इससे जोड़ो के दर्द, सूजन, जकडाहट का नाश होता है, कब्ज दूर होती है, पेट में हल्का पन आता हैं, गैस खतम होती है और शरीर मे हल्कापन आता है।
6.मसाज एवं सेक:



Ayurved में जड़ी-बूटियों से बने तेल से मालिश करने के बहुत से फायदे बताये गये हैं इससे जोड़ो में चिकनाई आती है, जकड़ाहट दूर होती है, दर्द व सूजन में आराम मिलता है।

इसके लिये 250 ग्राम सरसों के तेल को कढ़ाई में डाल कर गर्म करने के लिये गैस पर रखें। इसमें 8-10 कली लहसुन की छील कर डाल दें।

गर्म तेल में एक एक चम्मच अजवायन, दानामेथी, सौंठ पाउडर भी डाल दें। जब सारा मसाला पक जाये तो पकने पर नीचे उतार लें ठन्डा होने पर किसी काँच की शीशी में डाल कर रख लें। सर्दियों में सुबह-सुबह की गुनगुनी धूप में इस तेल से घुटनों की मालिश करें या जिस भी joint में दर्द हो वहाँ मालिश करें।

इससे जकड़ाहट, दर्द एवं सूजन में बहुत आराम मिलता है आप चाहें तो मार्केट से महानारायण तेल या पीडांतक तेल बना बनाया भी ले सकते हैं। जिसमें अनेक जड़ी बूटियां डली हुई होती हैं। मालिस के बाद गर्म पानी की बोतल से सेक भी सकते हैं।

नोट: यदि डॉक्टर ने किसी वजह से मालिस के लिये मना किया हुआ हो तो मालिस ना करें।
7. Exercise करें:

Physiotherapist की राय से exercise करें या योगा शिक्षक से सीख कर yoga नियमित रूप से करें। इससे joints एक्टिव रहते हैं, joints की stiffness दूर होती है, pain में आराम मिलता है।


इन उपायों के अलावा Ayurved की दवा सिंहनाद गुग्गुलु , योगराज गुग्गुलु, पुनर्नवादि मंडूर, रसराज रस, वात विध्वंसन रस जैसी अनेक दवाएं तथा पञ्चकर्मा थैरेपी जैसे कटि बस्ति,जानु बस्ति, रक्त मोक्षण, Leech therapy आदि भी बहुत फायदे मंद होती है।

हमें आशा है कि इस लेख में दी गई जानकारी आप के लिये काफी उपयोगी साबित होगी। यदि आप इस विषय में कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कृपया कमेन्ट के माध्यम से पूछें।

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