Why is Japan not producing mobiles like China?

Galapagos Mobile

Japan was one of the earliest developers of mobile phones and started the world first internet access services called “i-Mode”. Refer to Wiki for details; i-mode - Wikipedia It became very popular in Japan and became a national standard, while in other part of the world, it was way too advanced and Japan failed to make it a global standard.

Yet i-Mode was so popular, further domestic development continued to win the domestic competition and made the Japanese mobile market far different from any other countries. It was then called as Galapagos Mobile because of its pretty unique evolution just like those uniquely evolved creatures in Galapagos islands.

Soon after an iPhone was released, many Japanese jumped to it as well making the i-Mode obsolete very quickly. But again due to the domestic competition, Japanese phone makers continued releasing new Galapagos mobiles allowing Google to launch Android which in parallel with iPhone became global standards.iPho…

कैसे निभाएं New Year Resolution ?


अगर आप भी उन करोड़ों लोगों में से हैं जो नए साल पे कोई resolution, promise या प्रण   तो करते हैं पर उसे निभा नहीं पाते हैं तो ये  article  आपकी मदद कर सकता है.
How to keep new year resolution in Hindi
पहली चीज,  आखिर लोग new year resolution लेते क्यों हैं ? शायद खुद में कोई positive बदलाव लाने के लिए, कोई अच्छी आदत डालने के लिए .क्या आपने कभी सुना है कि किसी ने ये resolution लिया हो कि कल से मैं 10 cigarette  और पियूँगा? नहीं सुना होगा ,पर ये ज़रूर सुना होगा कि कल से मुझे cigarette पीना छोड़ना है. यानि new year resolution  का मकसद तो बड़ा नेक होता है. पर सवाल ये उठता है कि आखिर इसे निभाना इतना मुश्किल क्यों होता है?क्यों ज्यादातर लोग अपने resolution  को महीने भर भी नहीं चला पाते हैं ? आज इस article के माध्यम से मैं आपके साथ “New Year Resolution कैसे निभाएं?” पर अपने thoughts share करूँगा :
कभी भी हो सकती है आपके resolutionकि शुरुआत
New Year Resolution कि शुरुआत 1 जनवरी  से ही हो ये ज़रूरी नहीं है. इसलिए  यदि आपने अभी तक कोई resolution न भी लिया हो तो कोई बात नहीं. और यदि आपने साल के शुरू में कोई resolution लिया था और वो एक दिन भी नहीं चल पाया तो भी कोई बात नहीं. जैसे हम पूरे महीने Happy New Year wish  करते रहते हैं उसी तरह हम पूरे महीने कभी भी new year resolution ले सकते हैं. और यदि resolution लेते लेते पूरी जनवरी निकल जाये तो आप आगे भी resolution  तो ले ही सकते हैं भले ही उसे new year resolution  न कह के simply  resolution  कहिये.
Resolve तभी करें जब सच-मुच आप इसकी ज़रूरत महसूस करें
अगर 31st December  को आपके मन में आता है की मुझे कल से office time से पहुचना है या मुझे कल से सुबह walk  पे जाना है और आप ये resolution  ले लेते हैं तो बहुत ज्यादा   chance  है की आपके इस प्रण के प्राण 24 घंटे के अंदर ही निकल जायेंगे.   क्योंकि ये resolution  बिना ज्यादा सोचे-समझे अचानक ही ले लिया गया है.
अब ये कैसे पता चलेगा कि सच-मुच कौन सा resolutionलेने की ज़रूरत है? इसका कोई tried and tested तरीका तो नहीं है पर मैं आपसे वो तरीका share करना चाहूँगा जो मेरे लिए काम करता है.
मुझे जो बाते अपील करती हैं उन्हें मैं पहले एक diary में लिख लेता हूँ.( कभी किसी loose page  पे न लिखें उसके गायब होने में कुछ ही घंटे लगेंगे). अब मैं उन्हें  priority wise list  कर लेता हूँ. और सबसे पहली priority उसी की  होती है जो काम मुझे सबसे ज्यादा खुशी दे. अब मैं उस point को ले के काफी सोचता हूँ और visualize करता हूँ कि ये हो जाने पे कितना मज़ा आएगा …कितना अच्छा  feel  होगा….सच मानिए मैं उसके बारे में इतना ज्यादा सोचता हूँ कि वो काम शुरू हो जाता है. चाहे वो Kartavya (An NGO) की शुरुआत करना हो  या फिर AchhiKhabar.Com  को start  करना हो..काम होता ज़रूर है. सोच बड़ी चीज है.
तो यदि आपको कोई नयी आदत डालनी या छोड़नी है तो पहले उसके बारे में खूब सोचें.उसको हकीकत बनते सोचें उससे होने वाले फायेदे , मिलने वाली खुशी को सोचें; और अगर वाकई में आप इसको लेकर excited  feel   करते हैं तो फिर ले लें अपना  Resolution.   नहीं तो आगे बढ़ जाएँ..कोई ज़रूरी थोड़ी है की resolutionलिया ही जाये.
अगर इतना सब कुछ करने के बाद आपने resolution लिया है तो यकीन जानिये  आप  already  उन 90%  लोगों कि  category  से निकल चुके हैं जो अपने  resolution  को 10 दिन भी नहीं रख पाते हैं. अब बात आती है कि कैसे इस  resolution  को बनाये रखा जाये.
अपने लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें
आप इस बात से तो agree  करेंगे ही कि किसी बड़े काम को अगर छोटे-छोटे कई कामों में  divide  कर दिया जाये तो उसे करना आसान हो जाता है.
Student life  में मैं  अक्सर पढ़ने के लिए बड़े ही डिजाईनदार  Time-Table  बनाया करता था…..चाहे जो हो जाये कल से रोज 10  घंटे पढ़ना है….इतने बजे से इतने बजे तक Maths, इतने बजे से इतने बजे तक Chemistry, and so on,  पर दो दिन के अंदर उस Time Table का हवाई-जहाज बन जाता था और एक brand new time-table उसकी जगह ले लेता था..पर अफ़सोस इस वाले की भी नाव बन जाती थी. पर जब मैं infinite time की  जगह हफ्ते-हफ्ते भर का time-table बनाने लगा तो मुझे उसे follow करना आसान हो जाता था .
कुछ ऐसी ही trick अपने  resolution  के साथ की जा सकती है. आप अपना resolution इस प्रण के साथ मत शुरू कीजिये कि मैं आज के बाद हमेशा  time से  office  पहुंचूंगा बल्कि  आप कुछ यूँ शुरू कीजिये कि आज के बाद मैं लगातार 21  दिनों तक office time  से पहुंचूंगा. सिर्फ  21  दिनों तक उसके बाद जो होगा देखा जायेगा.  ऐसा करने से आपको ये resolution पहाड नहीं लगेगा और आपका अवचेतन मस्तिष्क इस बात को कहीं आसानी से  accept कर लेगा कि ये  काम doable  है.
अगर आप सोच रहे हैं कि 21  दिन ही क्यों , तो बता दें कि  Researchers  का मानना है कि यदि आपकी किसी काम को अपनी  habit  बनानी है तो कम से कम उसे 21 दिन करना चाहिए , और यदि आप उसे अपनी  personality  का हिस्सा बनाना चाहते हैं तो 6  महीने तक उसे करें.

21 दिन बाद क्या होगा ?

अगर आपने अपना काम सही ढंग से किया है तो अब तक ये आपकी habit में आ चुका होगा. और अब इसे जरी रखना कहीं आसान होगा.  और यदि ये आपकी habit में नहीं भी आया है तो भी आपने कुछ सफलता तो पायी ही होगी और ये आपको और अधिक सफलता कि तरफ प्रेरित करेगी, success breeds success.  एक  छोटा लक्ष्य  achieve करना आपके confidence  को बढ़ा देगा , अब आप अपना अगला goal  चुन  सकते हैं जैसे कि अगले 42 दिन तक  resolution  निभाने का लक्ष्य. और इस तरह से आप सच-मुच अपने resolution को निभा सकते हैं.
कुछ और Tips  जो मददगार हो सकती हैं :
  •  अपने resolution को बड़े बड़े अक्षरों में लिख कर अपने सामने रखें. For Example, “For next 21 days   मुझे सुबह Exercise करना है”
  • अपने resolution को कुछ खास लोगों को बताएँ,ऐसा करने पर आप खुद को थोडा answerable मह्शूश करेंगे. और resolution के follow  होने के chances  बढ़ जायेंगे.
  • खुद को माफ करना ज़रूरी है , यदि एक-आध बार आप अपने resolution से विचलित हो जाएँ तो उसे अपनी हार न माने बल्कि आगे और भी दृढ़ता से उसे निभाने का प्रयास करें.
और अंत में मैं आप सभी को अपनी तरफ से आने वाले नव वर्ष कि शुभकामनाएं देता हूँ. उम्मीद करता हूँ कि यदि आप कोई  new year resolution  लेंगे  तो उसे कामयाबी के साथ निभा भी पायंगे. All the best.

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