कंडोम के कुछ मज़ेदार उपयोग

जितेन्द्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh)
कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बहुत खुश हुआ जब बनारस के बुनकरों में मुफ्त में बांटे जाने वाले कंडोम की मांग खूब बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग यह सोच रहा था कंडोम बांटने से बुनकरों के जनसंख्या वृद्धि रुकेगी और कंडोम का सही इस्तेमाल होगा लेकिन जब पता चला कि बनारसी साड़ी बनाने वाले बुनकर मुफ्त में मिलने वाले कंडोम का इस्तेमाल साड़ी बनाने में कर रहे हैं तब ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरी दुनिया चौक उठी थी साड़ी बनाने वाले बुनकर कंडोम का इस्तेमाल अपने करघा पर करते हैं. साड़ियाँ तैयार करने में इस्तेमाल हो रहे हैं कंडोम दरअसल कंडोम में चिकनाई युक्त पदार्थ होता है और करघा पर लगाने से उसके धागे तेज़ी से चलते हैं और उनमें चमक भी आ जाती है. क्योंकि कंडोम में प्राकृतिक रबड़ यानी लैक्टेस होता है इसलिए बुनकर बुनाई के पहले धागों को कंडोम से खूब रगड़ देते हैं जिससे धागे में इतनी अच्छी चिकनाई आ जाती है इस साड़ी की बुनाई करते समय धागा फसता नहीं है और बुनाई तेजी से होता है और साड़ियों में बहुत अच्छी प्राकृतिक चमक आ जात…

Untold Facts and History About Toothbrush

जानें कब बना था पहला टूथब्रश

      Untold Facts and History About Toothbrush

आज दुनिया दातुन से लेकर इले‌क्ट्रिक टूथब्रश तक पहुंच गई, लेकिन चीन ने दुनिया को ये सौगात 500 साल पहले दी थी. साल 1498 में 26 जून को चीन के राजा ने टूथब्रश का पेटेंट कराया था.
1. पहला टूथब्रश सुअर के बालों से बना था, जो किसी हड्डी या बांस के टुकड़ों पर लगे होते थे.
2. सेलुलॉयड प्‍लास्टिक ब्रश हैंडल पहली वर्ल्‍ड वॉर के बाद ही नजर आए.
3. इससे पहले भारत समेत दुनिया में आमतौर पर दातून इस्‍तेमाल किया जाता था.
4. 1938 में जानवरों के बाल के बजाय नाइलोन के ब्रिस्‍टल इस्‍तेमाल होने लगे.
5. एक सर्वे में लोगों ने कहा कि वो टूथब्रश के बिना जीवन की कल्‍पना नहीं कर सकते
6. साल 1939 में स्विस इलेक्ट्रिक टूथब्रश आया, लेकिन ऐसी बड़ी कामयाबी 1961 में स्किव्‍ब का ब्रोक्‍सोडेंट था. 


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