Why is Japan not producing mobiles like China?

Galapagos Mobile

Japan was one of the earliest developers of mobile phones and started the world first internet access services called “i-Mode”. Refer to Wiki for details; i-mode - Wikipedia It became very popular in Japan and became a national standard, while in other part of the world, it was way too advanced and Japan failed to make it a global standard.

Yet i-Mode was so popular, further domestic development continued to win the domestic competition and made the Japanese mobile market far different from any other countries. It was then called as Galapagos Mobile because of its pretty unique evolution just like those uniquely evolved creatures in Galapagos islands.

Soon after an iPhone was released, many Japanese jumped to it as well making the i-Mode obsolete very quickly. But again due to the domestic competition, Japanese phone makers continued releasing new Galapagos mobiles allowing Google to launch Android which in parallel with iPhone became global standards.iPho…

Intersting Facts About India's Secret Agency (RAW) भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) से जुड़े रोचक तथ्य


Untold Facts About India's Secret Agency (RAW)

रोचक बातें भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) से जुड़े रोचक तथ्य



The Research and Analysis Wing is the primary foreign intelligence agency of India. It was established in 1968 following the intelligence failures of the Sino-Indian and Indo-Pakistani wars, which ...

Headquarters:
New Delhi
Founded:
21 September 1968
Motto:
धर्मो रक्षति रक्षित: (The law protects when it is protected)
Agency executive:
Anil Dhasmana, Secretary (Research)
Parent agency:
Prime Minister's Office Founders: Indira Gandhi, R. N. Kao

 खुफिया एजेंसियां किसी भी देश की सुरक्षा में अपना एक अलग महत्व रखती हैं.
भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) हैं

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रॉ का गठन 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद तब किया गया, जब इंदिरा गांधी सरकार ने भारत की सुरक्षा की जरूरत को महसूस किया.


● रॉ पर RTI नही डाल सकते, क्योंकि यह देश की सुरक्षा का मामला हैं. 

● रॉ में शामिल होने के लिए आपके माता-पिता का भारतीय होने जरूरी हैं.
● रॉ का सिद्धांत ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ है, जिसका मतलब है कि जो शख्स धर्म की रक्षा करता है वह हमेशा सुरक्षित रहता हैं.

● रॉ सीधी अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजती है. इसके डायरेक्टर का चुनाव, सेक्रेटरी द्वारा होता हैं.

● ऐसे प्रत्याशी जिनका चुनाव रक्षा बलों से हुआ हो उन्हें इसमें शामिल होने से पहले अपने मूल विभाग से इस्तीफा देना आवश्यक हैं.

● मिशन पूरा होने के बाद, अधिकारी को अनुमति होती है कि वह अपने मूल विभाग में वापस शामिल हो सकते हैं।

● सिक्किम को भारत में शामिल करने का श्रेय भी बहुत हद तक रॉ को जाता हैं। रॉ ने वहां के नागरिकों को भारत समर्थक (प्रो इंडियन) बनाने में अहम भूमिका निभाई.

● यह एक डेस्क में बैठकर काम करने वाली नौकरी नहीं है। आप किसी मिशन पर हो, तो पूरी सम्भावना है कि आपके परिवार को भी नहीं पता होगा कि आप कहाँ हैं.

● चीनी, अफगानी या किसी दूसरी भाषा का ज्ञान आपको दूसरो से ऊपर खड़ा करता हैं.

● भारत की खुफिया एजेंसी अपने आप ही आप तक पहुंचेगी। उन्हें खोजने की कोशिश मत करिए.

● एक जासूस के राज़ उसकी मौत के साथ ही दफन हो जाते हैं। यहां तक कि उसकी पत्नी को तक नहीं पता होता कि उसका पति एक रॉ एजेंट हैं.

● एक रॉ जासूस की ज़िन्दगी, फिल्मों में दर्शाई गई जासूस की ज़िन्दगी से कहीं से भी मेल नहीं खाती. लेकिन जासूसी में अव्वल होते हैं.

● भारत के परमाणु कार्यक्रम को गोपनीय रखना रॉ की जिम्मेदारी थी.

● रॉ में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को बंदूक नहीं मिलती। बचाव के लिए ये अपनी तेज बुद्धि का इस्तेमाल करते हैं.

● रॉ का गठन अमेरिकी के सीआईए की तर्ज पर ही किया गया हैं। इसके ऑफिशल्स को अमेरिका, यूके और इजरायल में ट्रेनिंग ली जाती हैं.

● रॉ में शामिल होने का सबसे अच्छा तरीका हैं UPSC पास करो और IPS या IFS पद पर कार्यरत हो जाओ.
 आशा करता हु आपको यह जानकारी अछि लगी होगी ....अगेर हमने कही कोई गलती करदी तो निचे Comment करके जरुर बताये ..हम उशे सुधारेन्गे ..Thanks For Reading ..



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