जर्मनी के दिलचस्प अनकहे तथ्य ! Interesting Untold Facts of Germany

वरूण चौहान (Varun Chauhan)
जर्मनी में एक कैदी के लिए कोई सजा नहीं है जो जेल से भागने की कोशिश करता है, क्योंकि यह मुक्त होने के लिए एक स्वाभाविक मानव वृत्ति है।जर्मनी में 65% राजमार्ग (ऑटोबान) की कोई गति सीमा नहीं है।जर्मनी का एक-तिहाई हिस्सा अभी भी जंगलों और जंगली जमीन से भरा है। जर्मनी यूरोप का सातवाँ सबसे बड़ा देश है, जनसंख्या 81 मिलियन।बर्लिन में यूरोप का सबसे बड़ा ट्रेन स्टेशन है।बर्लिन पेरिस से 9 गुना बड़ा है और इसमें वेनिस की तुलना में अधिक पुल हैं।जर्मनी में 1,500 से अधिक विभिन्न किस्म की बियरें हैं। जर्मनी दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले देशों में से एक है।जर्मनी नौ अन्य देशों के साथ सीमाएँ साझा करता हैं। डेनमार्क, पोलैंड, चेक गणराज्य, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड।जर्मनी दुनिया के सबसे बड़े कार उत्पादकों में से एक है। पहली मुद्रित (प्रिंटिड) पुस्तक जर्मन में थी।जर्मनी दुनिया के प्रमुख पुस्तक राष्ट्रों में से एक है। हर साल लगभग 94,000 शीर्षकों का प्रकाशन होता है।पहली बार देखी गई पत्रिका 1663 में जर्मनी में लॉन्च की गई थी। जर्मन दुनिया भर में स…

Weird society where there is no death

एक ऐसा समाज, जहां नहीं होती है किसी की मौत, क्या है इसकी वजह



इस दुनिया में बहुत से देश हैं और वहां अलग-अलग धर्म और समाज के लोग रहते हैं. उनकी अलग-अलग मान्यताएं भी हैं. अलग-अलग रीति रिवाज भी हैं.
नए कपड़े पनाए जाते हैं
हर समाज में शादी से लेकर मौत तक के अनुष्‍ठान होते हैं. लेकिन हम आपको जिस समाज के बारे में बता रहे हैं, यहां के मरे हुए लोग भी कभी नहीं मरते हैं. आप सोच रहे होंगे ये कैसे हो सकता है, लेकिन हम आपको बता दें कि इस समाज के लोग अपने मृतकों को कभी मृत नहीं मानते हैं.
समाजशवों को निकाला जाता है उनकी कब्र से
यह अजीबो-गरीब परंपरा इंडोनेशिया की है. यहां टोराजान समाज के लोग हर साल अपना पर्व ‘मानीने’ मनाते हैं. इस उत्सव में वे अपने मृत रिश्‍तेदारों, परिजनों के शवों को उनकी कब्र से खोदकर निकालते हैं और फिर उन्‍हें नए कपड़े पहनाते हैं.
परिजन खुद निकालते हैं इन शवों को
इसके बाद उन्‍हें पूरे गांव में एक जुलूस के रूप घुमाया जाता है. इस रस्म में उन शवों को कपड़े पहनाने से पहले नहलाया भी जाता है. इसी के साथ ही परिजन इस शवों के लिए सिगरेट भी लाते हैं. इस रस्म के पीछे यहां के लोगों का विश्वास है कि यह उत्‍सव एक प्रकार से जीवन का उत्‍सव है.
धूमधाम से मनाया जाता है ये उत्सव
उनका मानना है कि ऐसा करने से मृतकों के साथ आपके अच्‍छे संबंध बनते हैं. ये समाज ये भी मानता है कि जब भी वे मृतकों का ध्‍यान रखते हैं, मृतात्‍माएं उन्‍हें आर्शीवाद देती हैं.
कई दिनों तक रखते हैं अपने घरों में
इतना ही नहीं, वापस दफनाने से पहले कुछ लोग तो अपने प्रियजनों के शवों को काफी दिनों तक अपने घरों में संभालकर रखते हैं.

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