मानव शरीर के बारे में रोचक तथ्य ! Human body facts in Hindi

मानव शरीर के बारे में रोचक तथ्य/ Human body facts in Hindi काले रंग वाले लोगो को गोरे रंग वाले लोगो की तुलना मे दिल के दौरे पडने का खतरा कम होता है।पूरे दिन के मुकाबले जब हम सुबह उठते हैं तब हम लगभग आधा इंच ज्यादा लंबे होते हैं।महिलाओं का दिल और दिमाग पुरूषो दिल व दिमाग की तुलना में छोटा होता है।हमारे फ़ेफ़डे एक दिन मे लगभग 20Kg हवा Filter करते है।हमारी आंखे 10 लाख अलग-अलग रंगो को पहचान सकती है।जब हम अपनी पलक झपकाते है तो हमें कुछ समय अंधेरा दिखाई देता है,इसी पलक झपकाने से हम अपनी जिन्दगी के 5 साल अंधेरे में बिता देते है।शुक्राणु मानव शरीर की सबसे छोटी कोशिका है।मानव मस्तिष्क का 80% भाग पानी का बना होता है।एक बूंद खून में 25 करोड कोशिकाएं पाई जाती है।हमारे शरीर मे हमारा खून एक दिन मे लगभग 20,000 KM तक दौडता है।हमारा ह्रदय खून को 30 Feet तक उछाल सकता है।मानव ह्रदय एक दिन मे लगभग 1,15,100 बार धडकता है।हमारे हाथ के का नाखुन बाकी अंगुलियो के नाखून के मुकाबले धीरे-धीरे बढ़ता है,जबकि हमारे हाथ की बीच वाली अंगुली का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है।हमारे पेट मे उपस्थित हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक ब…

Weird society where there is no death

एक ऐसा समाज, जहां नहीं होती है किसी की मौत, क्या है इसकी वजह



इस दुनिया में बहुत से देश हैं और वहां अलग-अलग धर्म और समाज के लोग रहते हैं. उनकी अलग-अलग मान्यताएं भी हैं. अलग-अलग रीति रिवाज भी हैं.
नए कपड़े पनाए जाते हैं
हर समाज में शादी से लेकर मौत तक के अनुष्‍ठान होते हैं. लेकिन हम आपको जिस समाज के बारे में बता रहे हैं, यहां के मरे हुए लोग भी कभी नहीं मरते हैं. आप सोच रहे होंगे ये कैसे हो सकता है, लेकिन हम आपको बता दें कि इस समाज के लोग अपने मृतकों को कभी मृत नहीं मानते हैं.
समाजशवों को निकाला जाता है उनकी कब्र से
यह अजीबो-गरीब परंपरा इंडोनेशिया की है. यहां टोराजान समाज के लोग हर साल अपना पर्व ‘मानीने’ मनाते हैं. इस उत्सव में वे अपने मृत रिश्‍तेदारों, परिजनों के शवों को उनकी कब्र से खोदकर निकालते हैं और फिर उन्‍हें नए कपड़े पहनाते हैं.
परिजन खुद निकालते हैं इन शवों को
इसके बाद उन्‍हें पूरे गांव में एक जुलूस के रूप घुमाया जाता है. इस रस्म में उन शवों को कपड़े पहनाने से पहले नहलाया भी जाता है. इसी के साथ ही परिजन इस शवों के लिए सिगरेट भी लाते हैं. इस रस्म के पीछे यहां के लोगों का विश्वास है कि यह उत्‍सव एक प्रकार से जीवन का उत्‍सव है.
धूमधाम से मनाया जाता है ये उत्सव
उनका मानना है कि ऐसा करने से मृतकों के साथ आपके अच्‍छे संबंध बनते हैं. ये समाज ये भी मानता है कि जब भी वे मृतकों का ध्‍यान रखते हैं, मृतात्‍माएं उन्‍हें आर्शीवाद देती हैं.
कई दिनों तक रखते हैं अपने घरों में
इतना ही नहीं, वापस दफनाने से पहले कुछ लोग तो अपने प्रियजनों के शवों को काफी दिनों तक अपने घरों में संभालकर रखते हैं.

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