Durga Puja Sms, Durga Puja Text Messages, Bengali Durga Puja Quotes, Quotes, Greetings and Wishes Durga puja whatsapp Status

Dhaker awaz - Subho Panchami GreetingsDhaker awaz dhai kur kur/ Sona jay oi agomoni sur/ Mayer ebar asar pala/ Suru hobe pujor bela/ Tai niye ai sukhi mon/ Janay agam avinandan... Suvo panchami.
“Sarat” mghe baslo vela, “kash” fulete laglo dola, “dhaker” upar poruk kathi’ “pujo” katuk fatafati, sarodiar priti suveccha o antarik abhinandan
Ma aseche ghore - Durga Puja message for SosthiSarot-er akas, Roder jhilik
Siuli fuler gondho.
Ma aseche ghore abar darja keno bondho.
Puja elo tai to abar bajna bajay dhaki,
pujo aste r je nei ekta din-o baki
May she removes all obstacles from your lifeMay her blessings remove all obstacles from your path of life
as she removes the darkness from the universe....
Happy Durga Puja
Ma asche alo kore - Durga Puja sms poetry in bengaliHimer paras lage prane
Sharodiyar agomone
agamonir khabor peye
boner pakhi utlo geye
sishirveja notun bhore
ma asche aalo kore.
Happy durga puja!
Pujo katuk fatafati - Sharadiya sms poetry in bengali"SHARAT" meghe vaslo Vyala-
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Weird society where there is no death

एक ऐसा समाज, जहां नहीं होती है किसी की मौत, क्या है इसकी वजह



इस दुनिया में बहुत से देश हैं और वहां अलग-अलग धर्म और समाज के लोग रहते हैं. उनकी अलग-अलग मान्यताएं भी हैं. अलग-अलग रीति रिवाज भी हैं.
नए कपड़े पनाए जाते हैं
हर समाज में शादी से लेकर मौत तक के अनुष्‍ठान होते हैं. लेकिन हम आपको जिस समाज के बारे में बता रहे हैं, यहां के मरे हुए लोग भी कभी नहीं मरते हैं. आप सोच रहे होंगे ये कैसे हो सकता है, लेकिन हम आपको बता दें कि इस समाज के लोग अपने मृतकों को कभी मृत नहीं मानते हैं.
समाजशवों को निकाला जाता है उनकी कब्र से
यह अजीबो-गरीब परंपरा इंडोनेशिया की है. यहां टोराजान समाज के लोग हर साल अपना पर्व ‘मानीने’ मनाते हैं. इस उत्सव में वे अपने मृत रिश्‍तेदारों, परिजनों के शवों को उनकी कब्र से खोदकर निकालते हैं और फिर उन्‍हें नए कपड़े पहनाते हैं.
परिजन खुद निकालते हैं इन शवों को
इसके बाद उन्‍हें पूरे गांव में एक जुलूस के रूप घुमाया जाता है. इस रस्म में उन शवों को कपड़े पहनाने से पहले नहलाया भी जाता है. इसी के साथ ही परिजन इस शवों के लिए सिगरेट भी लाते हैं. इस रस्म के पीछे यहां के लोगों का विश्वास है कि यह उत्‍सव एक प्रकार से जीवन का उत्‍सव है.
धूमधाम से मनाया जाता है ये उत्सव
उनका मानना है कि ऐसा करने से मृतकों के साथ आपके अच्‍छे संबंध बनते हैं. ये समाज ये भी मानता है कि जब भी वे मृतकों का ध्‍यान रखते हैं, मृतात्‍माएं उन्‍हें आर्शीवाद देती हैं.
कई दिनों तक रखते हैं अपने घरों में
इतना ही नहीं, वापस दफनाने से पहले कुछ लोग तो अपने प्रियजनों के शवों को काफी दिनों तक अपने घरों में संभालकर रखते हैं.

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