भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य ! What strange facts about Indian women

भारतीय महिलाओं के बारे में ऐसे क्या अजीब तथ्य मनोज लालवानी (Manoj Lalwani),   औरतें प्रेम करने के लिए बनी हैं, समझने के लिए नहीं। – ऑस्कर वाइल्ड - औरतों की रहस्यताओं पर विराम लगाता हुआ यह कथन काफ़ी हद तक सही प्रतीत होता है। औरत से प्रेम करो आपको उनको समझने की ज़रूरत ही ख़त्म हो जाएगी। समझ के करना क्या है? क्यूँ जटिलता बढ़ाएँ? प्रेम करो बदले में प्रेम पाओ। आदर दो, आदर पाओ। संक्षेप में दिल लगाओ, दिमाग़ मत लगाओ। जीवन को आसान बनाओ। पर चूँकि दुनिया है, लोग हैं, सोचें हैं, भिन्नता है तो जीवन इतना आसान भी नहीं जान पड़ता है। हर व्यक्ति की भिन्न भिन्न विचारधारा है। औरत के व्यक्तित्व की जटिलताओं के बारे में इतना ज़्यादा लिखा गया है कि वो ब्रह्माण्ड का सफ़र पूरा कर के आने जैसा है। औरत का व्यक्तिव वो जहाँ निवास करती हैं उस देश व काल के अनुसार परिभाषित होता है। भारतीय महिलाएँ भी भिन्न नहीं है उनकी भी कुछ व्यक्तिपरक विशेषताएँ हैं। आइए उनके व्यक्तित्व के पहलुओं पर तथ्यपरक नज़र डालते हैं। इनमें कुछ तथ्य देसी हैं तो कुछ तथ्य सार्वभौमिक। कुर्सी की पेटी बाँध लीजिए, सफ़र लम्बा व उतार चढ़ाव वाला है। दुनियादा…

Mysterious Stone Eggs Mountain !! चट्टान देती है हर 30 साल में अंडे, वैज...

एक ऐसा चट्टान जो देती है अंडे, वैज्ञानिक भी हैं परेशान



ये तो सबको पता है कि मुर्गी, कबूतर, चिड़िया, साँप, छिपकली जैसे जीव अंडे देते हैं लेकिन अगर हम आपसे कहें कि चीन में एक ऐसी चट्टान है जो अंडे देती है तो क्या आप विश्वास करेंगे शायद नहीं लेकिन ये बात सच है कि चीन में एक ऐसी चट्टान है जो हर 30 साल में अंडा रूपी पत्थर देती है. जिसको लेकर कई साइंटिस्ट भी परेशान हैं.


वहां के रहने वाले लोग बताते हैं कि वो भी इसे देखकर आश्चर्यचकित हैं. कुछ लोगों ने देखा है कि ये चिकने अंडे पहले तो एक कवच में होते हैं और चट्टान इनको सेती है और कुछ दिन बाद ये अंडे अपने आप ज़मीन पर गिर जाते हैं.


ये चट्टान चीन के दक्षिण-पश्चिमी में प्रांत Qiannan Buyei और Miao Autonomou क्षेत्रों में स्थित है. ये चट्टान 20 मीटर (लगभग 65 फ़ीट) लम्बी और 6 मीटर (लगभग 19 फ़ीट) ऊंची है. “चन दान या” नाम की ये चट्टान चीन में स्थित है और ये पत्थर रुपी अंडे देती है इसलिए इसे ‘Egg-producing Cliff’ भी कहा जाता है. इसने वैज्ञानिकों को परेशान कर रखा है.
ये चट्टान हर 30 साल में पत्थर देती है. ये पत्थर बहुत ही चिकने होते है. जब ये पत्थर जमीं पर गिरते हैं तब गांववाले इन पत्थरों को घर ले जाते हैं उनका मानना है कि ये पत्थर उनके जीवन में खुशहाली ले कर आएगें.


ये चट्टान 500 मिलियन साल पहले बनी थी. ये एक काली और ठंडी चट्टान है. जो कई क्षेत्रों में आमतौर पर मिल जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार जैसे-जैसे मौसम और पर्यावरण में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं, इन चट्टानों को भी कभी उच्च तापमान तो कभी बेहद ठंडा मौसम झेलना पड़ता है जिस कारण इनकी संरचना और तत्वों में भी बदलाव होता है. यही वजह है कि इनमें कई तरह की आकृति उभर आती हैं. अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि इस चट्टान पर ये एकदम अंडाकार और चिकनी आकृतियां कैसे बनती हैं.


वैज्ञानिकों का मानना है कि गांववाले इस पत्थर को अपना गुड लक मान कर घर ले जाते है फिलहाल 70 पत्थरों को बचाया जा सका है.











Comments