पहली बार जब घड़ी का आविष्कार हुआ , दुनिया की पहली घड़ी में समय कैसे मिलाया गया

कहते हैं की हाथ में पहनी हुई घड़ी न सिर्फ इन्सान को समय बताती है बल्कि इन्सान का समय भी बताती है। कंफ्यूज हो गये क्या? कभी आपने सोचा है कि घड़ी जो बिना रुके हर वक़्त चलती रहती है ; कहाँ बनी होगी? सबसे पहले घड़ी में टाइम कैसे सेट किया गया होगा? कहीं वो टाइम गलत तो नहीं ; वरना आज तक हम सब गलत समय जीते आ रहे हैं। इन्ही सब सवालों के साथ आज कुछ घड़ी अपनी घड़ी की बात करते हैं। कई सिद्धांतों पर बनती हैं घड़ियां जैसा की हम सब जानते हैं की घड़ी एक सिम्पल मशीन है जो पूरी तरह स्वचालित है और किसी न किसी तरह से वो हमे दिन का प्रहर बताती है। ये घड़ियाँ अलग अलग सिद्धांतों पर बनती हैं जैसे धूप घड़ी; यांत्रिक घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी। मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ा करते थे तो आपको याद होगा की इंग्लैंड के ऐल्फ्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि आविष्कृत की। उसने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की ओर समान दूरियों पर चिह्र अंकित कर दिए थे। प्रत्येक चिह्र तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चित समय व्यतीत होने का ज्ञान होता था। कैसे देखते थे समय बीते समय में प्राचीन …

INDIA'S Most Mysterious Places Part #3

INDIA'S Most Mysterious Places Part #3 !! 
भारत के द्वारिका नगरी का रहस्य

भारत में कृष्णा भगवान की महिमा के बारे में कौन जनता नहीं। सभी कृष्णा भगवान को द्वारिका धीश नाम से जानते हैं। दरअसल भगवान द्वारिका के नरेश थे और इसी कारण उनका नाम द्वारिका धीश पड़ा। आज हम आपको भगवान कृष्ण के होने का ऐसा साबुत देंगे जिसे आप सिर्फ किताबो में देखेंगे नहीं बल्कि आप इसे देख भी सालते है। जैसे की भारत क्षेत्र में पश्चिमी तट पर स्थित द्वारका एक प्राचीन शहर है। आपको बता दें की यह शहर धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। चलिए आज आपको हम धवारिका के रहस्य के बारे में बतातें हैं।





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