Untold Facts Of Rajasthan ! राजस्थान के अनकहे तथ्य!

राजस्थान के बारे में ये बातें आप बिल्कुल भी नहीं जानते होंगे जब भी भारत में कोई विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं या भारत के दूसरे राज्यों के लोग भारत में घूमना चाहते हैं तो उनमें सबसे पहला नाम राजस्थान का आता है| वह राजस्थान जिसे राजाओं की भूमि भी कहा जाता है. भारत के सभी राज्यों में राजस्थान एक महत्वपूर्ण राज्य है, रंग रंगीला राजस्थान अपनी नायाब खूबसूरती, शानदार किलो और महलों के कारण सदैव ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है| Amazing Facts of Rajasthan भारत के सबसे बड़े राज्य में से एक राजस्थान को रंगो की धरती भी कहा जाता है. प्राचीन राजस्थान का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है. राजपूतों ने राजस्थान के अनेकों भागों पर अपना कब्जा करके राज किया था इसीलिए तो राजस्थान को वीरों की धरती कहां जाता है| राजस्थान का थार मरुस्थल पूरे भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तान है. ज्यादातर भारतीय यही मानते हैं कि राजस्थान में सिर्फ रेगिस्तान ही है हरियाली नहीं है लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है क्योंकि राजस्थान में कई जगहों पर आपको हरियाली के मैदान नजर आएंगे. रोचक बात यह है कि राजस्थान में जल स्रोतों क…

INDIA'S Most Mysterious Places Part #2 !! भारत के कुछ सबसे रहस्यमई जगहा



महाभारत के अश्वत्थामा याद हैं आपको। कहा जाता है कि अश्वत्थामा का वजूद आज भी है। दरअसल, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने निकले अश्वत्थामा को उनकी एक चूक भारी पड़ी और भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें युगों-युगों तक भटकने का श्राप दे दिया। ऐसा कहा जाता है कि पिछले लगभग 5 हजार वर्षों से अश्वत्थामा भटक रहे हैं।



मध्यप्रदेश के बुरहानपुर शहर से 20 किमी दूर असीरगढ़ का किला है। कहा जाता है कि इस किले में स्थित शिव मंदिर में अश्वत्थामा आज भी पूजा करने आते हैं। स्थानीय निवासी अश्वत्थामा से जुड़ी कई कहानियां सुनाते हैं। वे बताते हैं कि अश्वत्थामा को जिसने भी देखा, उसकी मानसिक स्थिति हमेशा के लिए खराब हो गई। इसके अलावा कहा जाता है कि अश्वत्थामा पूजा से पहले किले में स्थित तालाब में नहाते भी हैं।



बुरहानपुर के अलावा मप्र के ही जबलपुर शहर के गौरीघाट (नर्मदा नदी) के किनारे भी अश्वत्थामा के भटकने का उल्लेख मिलता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कभी-कभी वे अपने मस्तक के घाव से बहते खून को रोकने के लिए हल्दी और तेल की मांग भी करते हैं। इस संबंध में हालांकि स्पष्ट और प्रामाणिक आज तक कुछ भी नहीं मिला है।                      

[13:05, 9/11/2017] +91 75010 15472: गुजरात के तट पर भगवान श्रीकृष्ण की बसाई हुई नगरी यानी द्वारिका। इस जगह का धार्मिक महत्व तो है ही, रहस्य भी कम नहीं है। कहा जाता है कि कृष्ण की मृत्यु के साथ उनकी बसाई हुई यह नगरी समुद्र में डूब गई। आज भी यहां उस नगरी के अवशेष मौजूद हैं। लेकिन प्रमाण आज तक नहीं मिल सका कि यह क्या है। विज्ञान इसे महाभारतकालीन निर्माण नहीं मानता।



काफी समय से जाने-माने शोधकर्ताओं ने यहां पुराणों में वर्णित द्वारिका के रहस्य का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित कोई भी अध्ययन कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया है। 2005 में द्वारिका के रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान में भारतीय नौसेना ने भी मदद की।



अभियान के दौरान समुद्र की गहराई में कटे-छंटे पत्थर मिले और यहां से लगभग 200 अन्य नमूने भी एकत्र किए, लेकिन आज तक यह तय नहीं हो पाया कि यह वही नगरी है अथवा नहीं जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था। आज भी यहां वैज्ञानिक स्कूबा डायविंग के जरिए समंदर की गहराइयों में कैद इस रहस्य को सुलझाने में लगे हैं।

Comments