What is the current conflict between China and India?

Why is there tension on the borders?


It is a common misconception that the tensions ferment at the border and then it reaches the capitals. That never is the case.

The primary duty of a government is to give a decent life to its citizens. And that requires money. Money, which is raised through industries and services. India and China are two of the biggest economies in the world today, and by 2050, China would become the biggest economy with India coming at the second number.

I have lived in Europe and North America and the Made in China has completely overwhelmed me. There are hardly anything that you buy, that is not Made in China. In contrast to that, this laptop that I bought from India, my mobile which I bought from India, my cloths and other accessories are still Made In India. China sees India as a huge untapped market and wants to flood its good with it, however the Indian government has not budged till now and there are still a lot of trade restriction, despite the trade bal…

रामनाथ कोविन्द जीवन परिचय Biography In Hindi

रामनाथ कोविन्द जीवन परिचय

14th President of India since 2017

Ram Nath Kovind Biography In Hindi



रामनाथ कोविन्द india के 14th राष्ट्रपति हैं .

इस पद पर मनौनित होने से पहले वे बीजेपी के एक जाने माने सदस्य थे .और यह 2015 से 2017 तक बिहार के राज्यपाल के पद पर आसीन थे..साथ ही अपने कार्यो के प्रति समर्पित रहने के कारण इन्हे पार्टी मे एक सम्मानीय व्यक्तित्व का प्रतीक भी माना जाता हैं. तो चलिए जानते है उनके जीवन कहानी  
Ram Nath Kovind Personal Life



रामनाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला डेरापुर के एक छोटे से गाँव में हुआ था। रामनाथ कोविंद का बचपन बेहद गरीबी में बीता है। जब उनकी उम्र 5-6 वर्ष की थी तो उनकी मां की मौत हो गई थी। मां का साया छिनने के बाद उनके पिता ने ही उनका लालन-पालन किया।

रामनाथ कोविंद के पिता एक छोटे से मंदिर में पुजारी थे। पांच भाइयों में सबसे छोटे हे रामनाथ कोविंद ,बचपन से आदर्शवाद व समाज के हित में काम करने की शिक्षा अपने पिता से सीखी थी।

               

रामनाथ कोविंद की शिक्षा !




रामनाथ कोविंद ने अपने शुरुआती शिक्षा गांव में बने एक प्राइमरी स्कूल में की ।

कोविंद 13 साल की उम्र में 13 किमी चलकर आपने गाँव से कानपुर पढ़ने जाते थे।

रामनाथ कोविंद ने पढाई करते हुए बी.कॉम और एलएलबी की डिग्री हासिल की. ये डिग्री इन्होने कानपुर विश्वविद्यालय से हासिल की. कानपूर से लॉ की पढाई पूरी करने के बाद ये दिल्ली गये. दिल्ली में इन्होने IAS की परीक्षा दी, किन्तु इस प्रयास में इनके हाथ असफलता लगी. शुरु में दो बार असफलता लगने के बाद भी इन्होने हार नहीं मानी और तीसरी बार पुनः IAS एंट्रेंस की परीक्षा दी. इस बार ये सफल हुए, हालांकि इन्हें IAS पद नहीं मिला था. इन्होने नौकरी नहीं की और नौकरी की जगह लॉ का अभ्यास करना ही सही समझा.

                                  Career

इनकी राजनीती में भी काफी रूचि थी इसी कारण वर्ष 1991 में इन्होने बीजेपी ज्वाइन किया . 1998 से 2002 तक बीजेपी दलित वर्ग के अध्यक्ष रहे . साथ ही राष्ट्रिय स्तर पर कोली समाज के अध्यक्ष रहे .यह पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता के रूप में भी कार्यरत थे .
8 अगस्त 2015 को कोविंद जी को बिहार के राज्यपाल पद के लिये चुना गया . राज्यपाल के पद पर रहते हुये इन्होने कई प्रशंसनीय कार्य किये,   कोविंद अपना एक घर गांववालों को दान कर चुके हैं।
वर्ष 2017 में अमीत शाह ने इनका नाम राष्ट्रपति पद एवम वेंकैया नायडू का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए दिया और 20 जुलाई 2017 को कोविन्द जी ने राष्ट्रपति पद के लिए भारी मतों के साथ जीत हासिल की .





रामनाथ कोविंद को लौकी और पालक की सब्जी बहुत पसंद है। वे सादा खाना ही पसंद करते हैं। और मिठाई से परहेज करते हैं।
रामनाथ कोविन्द जी की उम्र 71 वर्ष हैं . इनके पिता स्वर्गीय माइकू एवम माता स्वर्गीय कलावती हैं . सविता कोविंद इनकी पत्नी हैं जिनसे इनका विवाह 30 मई 1974 को हुआ था .इनकी दो संतान हैं जिनके नाम प्रशांत एवं स्वाति हैं .
मुसीबतों को भेदते हुए कोविंद आज उस मुकाम पर खड़े हैं, जहां उनकी कलम से हिंदुस्तान की तकदीर लिखी जाएगी।बचपन बेहद गरीबी में बिता लेकिन उनके अन्दर की लगन ने आज उनको उस मुकाम तक पंहुचा दिया जो लोगों के मिसाल बन गयी है। अब राष्ट्रपति के रूप मे रामनाथ कोविन्द जी का सफर शुरू हो चुका हैं ,

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